भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण पर जानलेवा हमला, गोली छूते हुए निकल जाने से घायल
एनसीआई@सहारनपुर
सहारनपुर के देवबंद पहुंचे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद रावण के काफिले पर अज्ञात लोगों ने फायरिंग कर दी। इस जानलेवा हमले में रावण घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए देवबंद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रावण अपनी फॉर्चूनर कार से देवबंद के दौरे पर पहुंचे थे। तभी अचानक उनकी गाड़ी पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी। गोली उन्हें छूकर निकल गई, जिससे वह घायल हो गए। साथ ही फायरिंग से उनकी कार को काफी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची है और जांच में जुट गई।
बताया गया है कि हमलावर हरियाणा नम्बर की कार में आए थे। उनकी फायरिंग में एक गोली रावण की पीठ को छूकर निकल गई। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। फायरिंग में उनकी कार के शीशे भी टूटे गए। पुलिस ने नाकेबंदी कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए जा रहे हैं, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
जिस समय ये हमला हुआ, उस समय रावण दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। तभी बीच रास्ते में देवबंद में उनके काफिले पर हमला हो गया। पीछे से आई हरियाणा नम्बर की गाड़ी में सवार अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कुल चार राउंड फायरिंग की गई।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक भीम आर्मी चीफ ने बताया, “मुझे ठीक से याद नहीं है, लेकिन मेरे लोगों ने उन्हें पहचान लिया। उनकी कार सहारनपुर की ओर चली गई। हमने यू-टर्न ले लिया। घटना के वक्त मेरे छोटे भाई सहित हम पांच लोग कार में थे।”
वहीं सूत्रों के अनुसार हमलावरों की गाड़ी का नम्बर सामने आया है। कहा गया है कि हमलावर सफेद रंग की छोटी कार से आए थे। वहीं जो नम्बर गाड़ी का बताया गया है, वह स्विफ्ट डिजायर है।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया, “चंद्रशेखर आजाद रावण के काफिले पर कुछ कार सवार हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की थी। एक गोली उनके पास से निकल गई। वह ठीक हैं और उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।”
जानें चंद्रशेखर आजाद रावण के बारे में
चंद्रशेखर आजाद रावण वकील और दलित-बहुजन अधिकार कार्यकर्ता व राजनेता हैं। अपने आप को अम्बेडकरवादी बताने वाले रावण भीम आर्मी के सह-संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। फरवरी 2021 में, टाइम पत्रिका ने उन्हें 100 उभरते नेताओं की अपनी वार्षिक सूची में शामिल किया था। रावण का जन्म 3 दिसम्बर 1986 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के छुटमुलपुर कस्बे में हुआ था।
चंद्रशेखर आजाद रावण, सतीश कुमार और विनय रतन सिंह ने 2014 में भीम आर्मी की स्थापना की थी। यह संगठन भारत में शिक्षा के माध्यम से दलितों की मुक्ति के लिए काम करने का दावा करता है। वर्ष 2019 में, उन्होंने मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उन्होंने सपा/बसपा गठबंधन को समर्थन देते हुए हाथ खींच लिया। रावण खुद को एकमात्र दलित आइकन के रूप में स्थापित करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
