बर्खास्तगी के बाद भी तेवर नहीं बदले, गुढ़ा की चेतावनी-सोमवार को करूंगा बड़ा खुलासा
एनसीआई@जयपुर
अपनी ही सरकार पर लगातार सवाल खड़े करते रहने वाले गहलोत सरकार के मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने इसी सिलसिले को जारी रखते हुए शुक्रवार को विधानसभा में सरकार को ऐसी सलाह दे डाली, जिससे पार्टी खेमे में खलबली मच गई। विपक्षी बीजेपी का गुट जोरदार तरीके से उनका समर्थन कर रहा था। वहीं कांग्रेस के विद्यायकों-मंत्रियों के चेहरे उतर गए थे, खिसियाए हुए थे। इस पर आखिरकार इस बार सीएम अशोक गहलोत ने बड़ा फैसला लेकर गुढ़ा को मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। मगर इसके बाद भी राजेन्द्र सिंह गुढ़ा के तेवर वैसे ही बरकरार हैं। अब उन्होंने चेतावनी दी है कि सोमवार को विधानसभा में ही बड़ा खुलासा करेंगे।
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विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले ही सामने आया यह घटनाक्रम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि बर्खास्त मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा का अब अगला कदम क्या होगा इस पर सभी की निगाहें हैं।
किसलिए निकाला, वो ही जानें
गुढ़ा खुद को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने पर कहते हैं कि- किसलिए निकाला गया है वो तो सरकार जाने, लेकिन मैंने हमेशा सच का साथ दिया है। राजस्थान महिला अत्याचार के मामले में नम्बर वन है, यह बात सौ फीसदी सच है और अगर सच बोलना गुनाह है तो यह गुनाह में आगे भी करता रहूंगा।
जब सरकार बचाई थी, तब किए वादे नहीं निभाए
अपनी व्यथा प्रकट करते हुए गुढ़ा आगे कहते हैं- सियासी संकट में सरकार बचाने में सीएम गहलोत का खूब साथ दिया था। बसपा से कांग्रेस में आए सभी 6 विधायक चट्टान की तरह सरकार बचाने में लगे हुए थे। जो मुद्दे थे उन पर चर्चा होनी चाहिए थी, जो वादे किए गए थे वो नहीं निभाए गए।
ओवैसी से हुई मुलाकात पर यह कहा
राजनीतिक दल से जुड़े लोग एक-दूसरे से मुलाकात करते रहते हैं। इसमें कोई गुनाह नहीं है। जहां तक असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात का सवाल है तो वो एक शिष्टाचार मुलाकात थी। असदुद्दीन ओवैसी इस देश के बेस्ट सांसद हैं और तथ्यों के साथ सदन में अपनी बात रखते हैं।
यह होगा अगला कदम
इस सम्बन्ध में पूछ गए सवाल पर गुढ़ा बोले- समर्थकों से चर्चा करेंगे और उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। वैसे सोमवार को विधानसभा में बड़ा खुलासा करूंगा।
अब किस पार्टी से जुड़ेंगे ?
इस सवाल के जवाब में पूर्व मंत्री ने कहा-यह अभी तय नहीं है। क्षेत्र की जनता से और कार्यकर्ताओं से पूछ कर चुनाव लड़ लूंगा और तभी निर्णय करुंगा कि किस पार्टी से चुनाव लड़ना है।
