कोटा: आठ महीने में 20 वें कोचिंग छात्र ने की आत्महत्या, कुछ घंटे पहले ही मिलकर रवाना हुए थे पिता, जानकारी मिलते ही रास्ते में से लौटे
एनसीआई@कोटा
उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक छात्र ने गुरुवार रात हॉस्टल के अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके चार घंटे पहले ही उसके पिता उससे मिलकर वापस रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि यह छात्र पढ़ाई में कमजाेर था। साथ ही उसके पिता लौटते समय उससे नाराज भी बताए गए हैं। गौरतलब है कि आठ महीने में 20 वें कोचिंग छात्र ने आत्महत्या की है। इनमें से एक मामले में परिजनों को हत्या की आशंका है।
17 वर्षीय मनीष प्रजापत उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला था। वह 6 महीने पहले ही कोचिंग के लिए कोटा आया था। वह यहां जवाहर नगर पुलिस थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित एक हॉस्टल में रह रहा था। साथ ही एक कोचिंग इंस्टीट्यूट से जेईई की तैयारी कर रहा था।

4 घंटे पहले ही मिलकर गए थे पिता
हॉस्टल के केयर टेकर राकेश ने बताया कि मनीष चार महीने पहले ही इस हॉस्टल में रहने आया था। उसके पिता ही उसे रूम दिलाकर गए थे। गुरुवार को मनीष के पिता उससे मिलने कोटा आए थे। केयर टेकर राकेश के मुताबिक उसके पिता नाराज लग रहे थे।
हॉस्टल के 5 वें फ्लोर पर छात्र का कमरा था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की।

ऐसे चला घटनाक्रम
सायं सात बजे के करीब मनीष नीचे मेस में खाना खाने आया था, तब ही उसे अंतिम बार देखा गया था। इससे पहले वह छह-साढ़े छह बजे के बीच कोचिंग से लौटा था।
रात करीब आठ बजे करीब उसके पिता ने उसे कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उन्होंने केयर टेकर को कॉल कर बेटे से बात करवाने के लिए कहा। जब केयर टेकर उसके कमरे तक पहुंचा, जब घटना का पता लगा। यह जानकारी मिलते ही मनीष के पिता बीच रास्ते में से वापस कोटा की ओर लौट पड़े।
यह सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
केयर टेकर ने यह बताया
केयर टेकर राकेश ने बताया कि मैं फोन लेकर मनीष के कमरे तक गया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने हॉस्टल संचालक को जानकारी दी। हॉस्टल संचालक ने उसे रोशनदान से कमरे में देखने को कहा। जब केयर टेकर ने अंदर झांका तो मनीष फंदे पर लटका दिखा।

पुलिस ने बताया कि मनीष ने बेडशीट से फंदा लगाया था। केयर टेकर की सूचना के बाद हॉस्टल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। जवाहर नगर थाना पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तब तक मनीष की मौत हो चुकी थी।
नहीं मिला सुसाइड नोट, पढ़ाई में चल रहा था कमजोर
पुलिस ने मनीष का सुसाइड नोट मिलने से इनकार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह पढ़ाई में कमजोर चल रहा था। तैयारी को कवर नहीं कर पा रहा था। टेस्ट में उसके नम्बर कम आ रहे थे। यह बात भी सामने आई है कि मनीष कोचिंग भी कम ही जाता था।
