बारां से ईआरसीपी अभियान की शुरुआत, खड़गे बोले-लाल डायरी में लिखा है कि फिर से कांग्रेस सरकार आने वाली है
एनसीआई@बारां
हाड़ोती के बारां से कांग्रेस ने आज सोमवार को राजस्थान में विधानसभा चुनाव के अभियान की शुरुआत कर दी। इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मुख्य निशाना ईस्टर्न राजस्थान केनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) पर रहा। इस मुद्दे पर उन्होंने मोदी सरकार पर जानबूझकर अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जुबान दी, लेकिन उस पर चले नहीं। जबकि राजस्थान सरकार ने कई गारंटी दी और उसे पूरा किया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का हल भेंट कर स्वागत किया।
खड़गे ने आगे कहा-माेदी चुनाव प्रचार के लिए दौड़ते रहते हैं, संसद में कम बैठते हैं। कर्नाटक में इतना दौड़े। गली-गली में घूमते हैं। गहलोत मोदी की तरह नहीं करते कि आए, बोले और चले गए। काम करके दिखाया है। यह काम वही कर सकता है, जो गरीबों की तकलीफें जानता है।
लाल डायरी में लिखा है आने वाले चुनाव में कांग्रेस सरकार बनाएगी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे बोले-बीजेपी वालों ने यहां इशू उठाया कि लाल डायरी मिली है। लाल डायरी में क्या-क्या है, लाल डायरी में क्या लिखा है, आपको मालूम है? लाल डायरी में लिखा है कि आने वाले चुनाव में राजस्थान में कांग्रेस सरकार बनाएगी। उस डायरी में यह लिखा है कि फिर से कांग्रेस आने वाली है। अगर आप चाहते हो तो यह डायरी लेकर जाओ।
क्या आपको झूठ बोलने वालों की सरकार चाहिए?
खड़गे ने आगे आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार गरीबों के लिए मनरेगा का पैसा भी राज्यों को नहीं दे रही है। गहलोत सरकार ने 21 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। आपको सोचना होगा क्या झूठ बोलने वालों की सरकार चाहिए या काम करने वालों की सरकार चाहिए।
राजस्थान के बीजेपी सांसदों ने भी जनता को धोखा दिया
इसी क्रम में खड़गे ने कहा-राजस्थान से बीजेपी को 25 एमपी दिए, लेकिन वे राजस्थान के हितों के लिए क्यों नहीं बोले। उन्होंने ईआरसीपी के लिए क्यों आवाज नहीं उठाई। बीजेपी के 25 सांसदों ने भी राजस्थान की जनता के साथ धोखा किया।

मोदी दिखावा करते हैं, खाने और दिखाने के दांत अलग-अलग
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आरोपों की बौछार जारी रखते हुए कहा- मोदी श्रद्धा का दिखावा करते हैं। दिखावा करने के लिए पार्वती कुंड पर अलग भेष बनाकर गए। इनके खाने के दांत अलग हैं दिखाने के दांत अलग हैं। इससे ज्यादा नहीं बोलूंगा। मैं जनगणना चाहता हूं ताकि बैकवर्ड क्लास के लोग मजबूत हो जाएं, वहीं अन्य लोगों को भी मजबूत बनाना होगा। इसमें कांग्रेस पार्टी विश्वास करती है।
सरकार गिर जाती तो स्कीम कैसे आती
खड़गे ने कहा-गहलोत और विधायकों ने गिरती हुई सरकार को बचाया। अगर यह सरकार नहीं बचती तो यह स्कीम कैसे आती। बीजेपी के लोगों ने कर्नाटक, गोवा और मणिपुर में सरकार गिराई। ये खुद तो चुन कर नहीं आते, लेकिन जो चुन कर आते हैं, उनको खरीद कर अपनी सरकार बनाना इनकी आदत में शुमार है। आप मजबूत और लड़ाकू लोग हो। आपने सरकार बचाई, इसलिए इस तरह के कार्यक्रम और लोक कल्याणकारी योजनाएं दी जा रही हैं।

वसुंधरा पर गुस्सा, जनता से धोखा
इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ईआरसीपी के मुद्दे पर कहा कि केन्द्र सरकार का गुस्सा वसुंधरा राजे पर है, लेकिन वे राजस्थान की जनता से क्यों धोखा कर रहे हैं? उनकी वसुंधरा से नहीं बनती, इस पर हम कुछ नहीं कहना चाहते। ये उनका अंदरूनी मामला है, लेकिन राजस्थान ने उन्हें 25 सांसद दिए और किसी सांसद ने ईआरसीपी पर कुछ नहीं कहा। पीएम ने खुद 13 जिलों का नाम लेकर इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का वादा किया था।
13 जिलों में सभा करेगी कांग्रेस
ईआरसीपी पर अभियान के तहत कांग्रेस सप्ताह भर में 13 जिलों में सभाएं करेगी। इन सभाओं में सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा व प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। कांग्रेस इस मुद्दे पर बीजेपी और केन्द्र सरकार को घेरकर नया राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

इन 13 जिलों में ईआरसीपी का असर
ईआरसीपी प्रोजेक्ट जब पूरा हो जाएगा तो 13 जिलों को पीने और सिंचाई का पानी मिलेगा। 40 हजार करोड़ से ज्यादा के इस प्रोजेक्ट में बांध बनने के अलावा नहरें और पेयजल प्रोजेक्ट बनेंगे। ईआरसीपी से प्रभावित होने वाले जिलों में अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ शामिल हैं। कांग्रेस ने ईआरसीपी को चुनावी मुद्दा बना लिया है। इसी रणनीति के तहत अब यात्रा निकाल रही है।
बीजेपी को दबाव में लाने की कोशिश
उल्लेखनीय है कि सीएम अशोक गहलोत ने राज्य सरकार के खर्च पर ईआरसीपी को पूरा करवाने की घोषणा की थी। इसके लिए बजट में पहले नौ हजार करोड़ रुपए व बाद में पांच हजार करोड़ रुपए की घोषणा की। गहलोत अपने हर भाषण में ईआरसीपी का जिक्र करते हुए केन्द्र सरकार और बीजेपी पर हमला करते हैं। अब ईआरसीपी पर यात्रा निकालकर कांग्रेस विधानसभा चुनावों में बीजेपी को बैकफुट पर लाने का प्रयास कर रही है। यह अलग बात है कि उसे इस मुद्दे का चुनाव में कितना फायदा मिलेगा, मिलेगा भी या नहीं, यह तो परिणाम से पता चलेगा।
