April 17, 2026

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कतर में गिरफ्तार 8 पूर्व नेवी ऑफिसर्स को मौत की सजा, विदेश मंत्रालय ने कहा-हर कानूनी मदद के लिए तैयार, जानें पूरा मामला

कतर में गिरफ्तार 8 पूर्व नेवी ऑफिसर्स को मौत की सजा, विदेश मंत्रालय ने कहा-हर कानूनी मदद के लिए तैयार, जानें पूरा मामला

एनसीआई@नई दिल्ली

पिछले साल कतार में गिरफ्तार किए गए 8 पूर्व भारतीय नेवी ऑफिसर्स को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई है। ये सभी लोग कतर की एक निजी कम्पनी में काम कर रहे थे। यह कम्पनी कतरी एमिरी नौसेना को ट्रेनिंग और अन्य सेवाएं प्रदान करती है। मामले से अवगत लोगों का कहना है कि इन सभी पर जासूसी का आरोप लगाया गया है। भारत सरकार की ओर से गुरुवार को कहा गया है कि कतर में फंसे भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है।

भारतीय नौसेना के ये सभी आठ पूर्व ऑफिसर्स पिछले साल अगस्त से ही कतर की जेल में बंद हैं। कतर ने अभी तक इन सभी पू्र्व ऑफिसर्स के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

भारत सरकार ने गुरुवार को कहा, “हमें जानकारी मिली है कि कतर की एक अदालत ने अल दहरा कम्पनी में काम कर रहे भारत के 8 पूर्व नेवी ऑफिसर्स के गिरफ्तार किए जाने के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। मौत की सजा के फैसले से हम हैरान हैं और फैसले की डिटेल्ड कॉपी का इंतजार कर रहे हैं। हम परिवार के सदस्यों और कानूनी टीम के भी सम्पर्क में हैं। भारतीय नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी विकल्पों की तलाश की जा रही है।”

भारत सरकार ने आगे कहा है, ” हम इस मामले को बहुत ही गम्भीरता से ले रहे हैं। हम सभी काउंसलर और कानूनी सहायता देना जारी रखेंगे। कतरी अदालत के इस फैसले को हम वहां के अधिकारियों के सामने भी उठाएंगे। मामले की गम्भीरता और जरूरी गोपनीयता को देखते हुए इस समय इस पर कोई और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।”

आरोपियों में एक राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ऑफिसर भी

कतर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 8 पूर्व नौसैनिकों में से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कमांडर पूर्णंदू तिवारी (रि.) भी शामिल हैं। इन्हें 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रवासी भारतीय पुरस्कार से सम्मानित किया था। कम्पनी की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार पूर्णंदू तिवारी भारतीय नौसेना में कई बड़े जहाजों की कमान संभाल चुके हैं।

मार्च में हुई थी पहली सुनवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी साल मार्च के अंत में पहली सुनवाई हुई थी। गिरफ्तार पूर्व नेवी अफसरों में से एक की बहन मीतू भार्गव ने अपने भाई की कतर से सुरक्षित वापसी के लिए भारत से मदद की गुहार लगाई थी।

मीतू ने 8 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, “ये पूर्व नौसेना अधिकारी देश के गौरव हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी से हाथ जोड़कर अनुरोध करती हूं कि अब समय आ गया है कि उन सभी को बिना किसी देरी के तुरंत भारत वापस लाया जाए।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सजा पाए पूर्व नौसेना अधिकारी दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एवं कंसल्टेंसीज सर्विसेज में कार्यरत थे। कम्पनी खुद को कतर रक्षा, सुरक्षा एवं अन्य सरकारी एजेंसी की स्थानीय भागीदार बताती है। रॉयल ओमान वायु सेना रिटायर्ड स्क्वाड्रन लीडर खामिस अल अजमी इस कम्पनी के सीईओ हैं।

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