मुख्यमंत्री गहलोत के नजदीकी एवं रीको डायरेक्टर ने दी हाई कमान को यह चेतावनी
सिवाना सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज परिहार ने कहा-टिकट देना या नहीं देना उनके (हाई कमान) हाथ में है, मगर वोट हमारे हाथ में हैं।
एनसीआई@बाड़मेर
कांग्रेस ने 31 अक्टूबर की रात चौथी-पांचवीं लिस्ट में 61 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए। जैसे ही इन नामों की घोषणा हुई, बाड़मेर जिले में बगावत के सुर तेज हो गए। इस लिस्ट में पार्टी ने सिवाना (बाड़मेर) से पूर्व सांसद कर्नल मानवेंद्र सिंह को टिकट दिया है। पार्टी के इस निर्णय के खिलाफ रीको डायरेक्टर और सीएम अशोक गहलोत के नजदीकी सुनील परिहार ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने हाईकमान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। परिहार ने हाईकमान से टिकट पर दोबारा विचार करने की बात कही।

मानवेंद्र सिंह का नाम फाइनल होने के बाद से सुनील परिहार और समर्थकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। बुधवार को सिवाना में छोटी हिंगलाज मंदिर के पास स्थित परिहार के फार्म हाउस पर एक मीटिंग बुलाई गई, जिसमें परिहार ने समर्थकों से कहा- टिकट देना और नहीं देना उनके (हाईकमान) हाथ में है, लेकिन वोट हमारे हाथ में हैं।
जिले की तीन सीटों पर प्रत्याशी हुए थे घोषित
31 अक्टूबर की रात कांग्रेस ने चौथी सूची जारी करते हुए बाड़मेर जिले की 3 विधान सभा सीटों पर सिवाना से मानवेंद्र सिंह जसोल, शिव से अमीन खान और चौहटन से पदमाराम को टिकट दिया है। इसके बाद से सिवाना और शिव क्षेत्र के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है।
‘मैं तो पहले भी मंत्री रहा हूं, आज भी मंत्री से कम नहीं हूं‘
पहले शिव से दावेदारी कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह खान के समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। टायर जलाए। वहीं,सिवाना से टिकट के दावेदार सुनील परिहार ने वीडियो जारी कर बुधवार दोपहर 3 बजे मीटिंग बुलाई। कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा-आप तमाम 278 बूथों के लोग आए हो, मुझे तो आप लोगों का आशीर्वाद है। मैं तो पहले भी मंत्री रहा हूं, आज भी मंत्री से कम नहीं हूं। परिहार ने पार्टी को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
परिहार बोले- हेलिकॉप्टर की तरह थोपे गए हैं प्रत्याशी
सभा के बाद परिहार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- मानवेन्द्र सिंह जसोल को सिवाना से प्रत्याशी बनाया गया है। उनकी इच्छा जैसलमेर सीट से लड़ने की थी। किन्हीं कारणों से उनको टिकट वहां पर नहीं मिला। इनका कार्य क्षेत्र और कर्म क्षेत्र यहां पर नहीं रहा है। मानवेन्द्र सिंह जसोल स्वयं कह रहे थे कि यहां से लड़ने की मेरी इच्छा नहीं है।
हमने अपील की है। 48 घंटे का समय दिया है। ताकि नाम बदल दिए जाए। जब कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने कहा कि बूथ-बूथ तक कांग्रेस को जगाओ और हम सर्वे के अनुसार टिकट देंगे। एक हेलिकॉप्टर की तरह ऊपर से प्रत्याशी थोपना कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का काम नहीं हो रहा है। पार्टी चार बार यहां से विधानसभा चुनाव हार चुकी है।
उल्लेखनीय है कि (बाड़मेर) विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मानवेन्द्र सिंह के सामने बीजेपी ने वर्तमान विधायक हमीर सिंह भायल को प्रत्याशी बनाया है।
2018 में बगावत से गंवाई थी सीट
सिवाना सीट पर साल 2018 के चुनाव में बीजेपी ने हमीरसिंह भायल को दुबारा टिकट दिया था। कांग्रेस ने पंकज प्रताप सिंह को टिकट देकर चौंकाया। इसके बाद सिवाना के स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बगावत कर बालाराम चौधरी को निर्दलीय चुनाव लड़ाया। आरएलपी ने सताराम को मैदान में उतारा। इस तरह चार उम्मीदवार होने से मुकाबला रोचक हो गया। यहां से हमीरसिंह भायल 957 वोटों से जीते थे। हमीरसिंह भायल की टक्कर निर्दलीय बालाराम के साथ हुई थी। बालाराम को 49700 वोट मिले थे। हमीरसिंह भायल को 50657 वोट मिले थे।
