April 17, 2026

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भाई दूज के दिन ही क्यों बंद होते हैं बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, जानें कारण और यह कि अब कब से होंगे बाबा केदार के दर्शन

भाई दूज के दिन ही क्यों बंद होते हैं बाबा केदारनाथ धाम के कपाट, जानें कारण और यह कि अब कब से होंगे बाबा केदार के दर्शन

आज यानी भाई दूज के दिन बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। हर साल इसी दिन मंदिर के द्वार बंद किए जाते हैं। आखिर ऐसा क्यों होता है? आइए जानते हैं इसके कारण।

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट आज यानी 15 नवम्बर को बंद कर दिए गए हैं। अब बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए भक्तों को 6 महीने का इतंजार करना होगा। आज विधि-विधान के साथ समाधि पूजा के बाद गर्भ गृह को बंद कर दिया गया है। बाबा केदार के दर्शन करने के लिए यहां हर साल भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस मंदिर से भोलेनाथ के भक्तों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।

वहीं, आपको बता दें कि हर भाई दूज के दिन ही शीतकाल के लिए केदारनाथ धाम के कपाट पूरे छह माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भक्त बाबा केदारनाथ के दर्शन ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में कर सकते हैं। दरअसल, केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदारनाथ की पंचमुखी डोली ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर तक बड़े ही धूमधाम के साथ निकाली जाती है। इसके बाद अगले 6 महीने तक श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में शिवजी के दर्शन कर सकते हैं।

ये हैं इस परम्परा के कारण

उल्लेखनीय है कि केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने और बंद होने की एक तिथि तय होती है। इसी तिथि में मंदिर के कपाट खोले और बंद किए जाते हैं। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी हर भाई दूज यानी दिवाली के दो दिन बाद बंद कर दिए जाते हैं। तो आज हम आपको बताएंगे कि आखिर मंदिर के द्वार इसी दिन क्यों बंद किए जाते हैं।

•पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपनी पत्नी द्रोपदी के साथ हिमालय पहुंचे जहां उन्होंने भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया। इसके बाद उन्होंने यहीं पर अपने पितरों का तर्पण किया है। इसके बाद ही उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हुई। कहते हैं कि जिस दिन पांडवों ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया था वो भाई दूज का ही दिन था, इसलिए तब से इसी दिन केदारनाथ के कपाट बंद होने लगे।

•दूसरी वजह यह है कि भैया दूज के दिन से ही शीतकाल का आरंभ होता है। इस दौरान हिमालय क्षेत्र में रहना बहुत मुश्किल होता है। दरअसल, शीतकाल के समय हिमालय में जबरदस्त बर्फबारी होती है। इन कारणों से भी भैया दूज के बाद बाबा केदारनाथ के दर्शन रोक दिए जाते हैं और मंदिर के कपाट अगले 6 महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट 2024 में इस दिन खोले जाएंगे

साल 2024 में केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रेल को खुलेंगे। मंदिर के कपाट खुलने का फैसला पुजारियों द्वारा अक्षय तृतीया के दिन लिया जाता है, जिसका ऐलान महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जाता है। इस साल भी बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट 25 अप्रेल 2023 को खुले थे।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।)

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