कांग्रेस की हार पर अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा का हड़कम्प मचाने वाला बयान, गहलोत को ही बताया इस हार के लिए जिम्मेदार
एनसीआई@जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने राज्य में हुई कांग्रेस पार्टी की हार पर पार्टी में हड़कम्प मचाने वाला बयान दिया है। शर्मा ने अपने X हेंडल पर यह बयान पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने पार्टी की हार के लिए अशोक गहलोत की गलत नीतियों को ही जिम्मेदार ठहराया है। निश्चित रूप से शर्मा का यह बयान कांग्रेस पार्टी में भारी हलचल मचाएगा। उनका कहना है कि 25 सितम्बर की घटना से ही हार की प्रक्रिया की शुरुआत हो गई थी। यह लिखा है लोकेश शर्मा ने-
लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है।
मैं नतीजों से आहत जरूर हूँ, लेकिन अचंभित नहीं हूँ..
कांग्रेस पार्टी #Rajasthan में निःसंदेह रिवाज़ बदल सकती थी लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी…— Lokesh Sharma (@_lokeshsharma) December 3, 2023
लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है।मैं नतीजों से आहत जरूर हूं, लेकिन अचम्भित नहीं हूं।
लोकेश शर्मा आगे लिखते हैं-कांग्रेस पार्टी #Rajasthan में निःसंदेह रिवाज़ बदल सकती थी, लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी की शिकस्त है।
गहलोत के चेहरे पर, उन्हें फ्री हेंड देकर, उनके नेतृत्व में पार्टी ने चुनाव लड़ा और उनके मुताबिक प्रत्येक सीट पर वे स्वयं चुनाव लड़ रहे थे। न उनका अनुभव चला, न जादू और हर बार की तरह कांग्रेस को उनकी योजनाओं के सहारे जीत नहीं मिली और न ही अथाह पिंक प्रचार काम आया।
तीसरी बार लगातार सीएम रहते हुए गहलोत ने पार्टी को फिर हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया। आज तक पार्टी से सिर्फ़ लिया ही लिया है, लेकिन कभी अपने रहते पार्टी की सत्ता में वापसी नहीं करवा पाए गहलोत।
ओएसडी शर्मा अशोक गहलोत पर आगे और गम्भीर आरोप लगाते हुए कहते हैं-आलाकमान के साथ फरेब, ऊपर सही फीडबैक न पहुंचने देना, किसी को विकल्प तक न बनने देना, अपरिपक्व और अपने फायदे के लिए जुड़े लोगों से घिरे रहकर आत्ममुग्धता में लगातार गलत निर्णय और आपाधापी में फैसले लिए जाते रहना, तमाम फीडबैक और सर्वे को दरकिनार कर अपनी मनमर्जी और अपने पसंदीदा प्रत्याशियों को उनकी स्पष्ट हार को देखते हुए भी टिकट दिलवाने की जिद… आज के ये नतीजे तय थे। मैं स्वयं मुख्यमंत्री को यह पहले बता चुका था, कई बार आगाह कर चुका था लेकिन उन्हें कोई ऐसी सलाह या व्यक्ति अपने साथ नहीं चाहिए था, जो सच बताए।
मैं छह महीने लगातार घूम-घूम कर राजस्थान के कस्बों-गांव-ढाणी में गया, लोगों से मिला, हजारों युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए, लगभग 127 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्ट सीएम को लाकर दी, ज़मीनी हकीकत को बिना लाग-लपेट सामने रखा, ताकि समय पर सुधारात्मक कदम उठाते हुए फैसले किए जा सकें, जिससे पार्टी की वापसी सुनिश्चित हो। मैंने खुद ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी, पहले बीकानेर से फिर सीएम के कहने पर भीलवाड़ा से, जिस सीट को हम 20 साल से हार रहे थे, लेकिन ये नया प्रयोग नहीं कर पाए और बीडी कल्ला जी के लिए मैंने 6 महीने पहले बता दिया था कि वे 20 हजार से ज्यादा मत से चुनाव हारेंगे और वही हुआ। अशोक गहलोत जी के पार्ट पर इस तरह फैसले लिए गए कि विकल्प तैयार ही नहीं हो पाए।
लोकेश शर्मा ने आगे लिखा है-25 सितम्बर की घटना भी पूरी तरह से प्रायोजित थी, जब आलाकमान के खिलाफ विद्रोह कर अवमानना की गई और उसी दिन से शुरू हो गया था खेल।
लोकेश शर्मा के इस बयान पर अब अशोक गहलोत सहित पार्टी के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया आनी बाकी है।
