रंधावा ने कहा-‘मैं और डोटासरा कई लोगों के टिकट काटना चाहते थे, हमारे निर्णय लागू होते तो राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार आती’
एनसीआई@बीकानेर
विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब कांग्रेस में गुटबाजी और आरोप-प्रत्यारोप सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा- मैं और डोटासरा कई लोगों का टिकट काटना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं कर पाए। रंधावा शुक्रवार को बीकानेर के सूरज टॉकीज में कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद थे।
इस कार्यक्रम में ही कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रंधावा का विधानसभा चुनाव में हार पर दुख सामने आया। पहली बार खुले मंच पर उन्होंने यह स्वीकार किया कि डोटासरा के साथ मिलकर स्टेंड नहीं ले पाए। इस दौरान वे बोले- अगर हमारे निर्णय लागू होते को राज्य में कांग्रेस की सरकार फिर आ जाती।
तीन पूर्व मंत्रियों के साथ आज भी कोई नहीं
रंधावा ने कार्यक्रम में मौजूद तीन पूर्व मंत्रियों डॉ. बीडी कल्ला, गोविंद मेघवाल और भंवर सिंह भाटी की ओर इशारा करते हुए कहा कि गलती हमारी है कि हमने यहां तीन-तीन मंत्री बनाए और तीनों मंत्रियों को फिर से टिकट दिया। मैं देख रहा हूं, इस कार्यक्रम में भी इनके साथ कोई नहीं आया।
क्या सिर्फ कांग्रेस के साथी करप्ट हैं ?
रंधावा ने कहा कि ईडी से पूछना चाहिए कि जो लोग कांग्रेस के साथ हैं, क्या सिर्फ वो ही करप्ट हैं। भाजपा के पास क्या कोई वाॅशिंग मशीन है कि वे धुल जाते हैं। महाराष्ट्र इसका उदाहरण है। जो इनकी पार्टी में चला जाए, वो पाक साफ हैं, जो दूसरी पार्टी में है, सिर्फ वो करप्ट हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि एक बार उन्होंने कहा था कि भाजपा के साथ जाने से तो बेहतर है कि खुदकुशी कर लूं।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जुली ने कहा कि भजनलाल सरकार ने सौ दिन की कार्य योजना बनाने का निर्णय किया था। कहां गई वो कार्य योजना? उन्होंने आरोप लगाया कि ये सरकार कोई काम नहीं कर रही है। लोकसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में पीछे का बॉक्स खाली देखकर डोटासरा भड़क गए और कहा कि जो लोग नहीं आए हैं, उन्हें पार्टी के बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए, ऐसे कार्यकर्ताओं की जरूरत नहीं है।
जो नहीं आए उनकी रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे मुख्यालय
देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि बीकानेर शहर और देहात में 144 कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी का जिम्मा मिला हुआ है। इसके अलावा करीब साढ़े तीन सौ कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो किसी न किसी पद पर हैं या थे। इनमें पूर्व विधायक, वर्तमान विधायक, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, इन दोनों के पूर्व सदस्य, प्रधान, जिला प्रमुख, पार्षद, सभापति सहित अनेक संवैधानिक पदों पर भी हैं। सूरज टॉकीज में पांच सौ की उपस्थिति थी। ऐसे में शेष दो सौ सूचना मिलने के बाद भी नहीं आए। अब इनकी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को भेजी जाएगी।
बीकानेर जिले में एकमात्र कांग्रेस विधायक नोखा से सुशीला डूडी हैं, वो भी इस सम्मेलन में नहीं पहुंचीं। वे पति और कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी के इलाज के लिए दिल्ली में हैं।
