मुम्बई लाए गए सोमालिया से पकड़े गए सभी 35 समुद्री लुटेरे, वॉरशिप आईएनएस कोलकाता ने किया पुलिस के हवाले
नौसेना की तरफ से जारी बयान में कहा गया था, ” भारतीय नौसेना ने पूर्व-एमवी रुएन के जरिए दूसरे जहाजों को लूटने वाले सोमाली समुद्री लुटेरों (Pirates Caught Off Somalia Coast) के मंसूबों को विफल कर दिया।
एनसीआई@नई दिल्ली
सोमालिया तट के पास एक अभियान में पकड़े गए 35 समुद्री लुटेरों को लेकर युद्धपोत आईएनएस कोलकाता शनिवार सुबह मुम्बई पहुंचा। नौसेना ने यह जानकारी दी। इसके बाद इन समुद्री लुटेरों को मुम्बई पुलिस को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत की गई थी। इसके तहत भारतीय नौसेना के जहाजों को अरब सागर और अदन की खाड़ी में तैनात किया गया है, ताकि इस क्षेत्र से गुजरने वाले नाविकों और मालवाहक पोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसी ऑपरेशन में भारतीय नौसेना ने समुद्री डाकुओं को पकड़ लिया।
नौसेना ने कहा, “आईएनएस कोलकाता पकड़े गए 35 समुद्री लुटेरों को लेकर 23 मार्च को मुम्बई लौटा। भारतीय कानूनों, विशेष रूप से समुद्री समुद्री डकैती रोधी अधिनियम 2022 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए समुद्री लुटेरों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया।
सोमालिया के तट से ऐसे पकड़े गए समुद्री लुटेरे
समुद्री लुटेरों के जहाज ने आईएनएस कोलकाता को देखते ही अपना रास्ता बदल लिया और सोमाली तट की तरफ जाने लगा। नौसेना ने कहा कि जहाज के ऊपरी डेक पर हथियारों से साथ कई समुद्री डाकू भी देखे गए। नौसेना ने इन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन डाकुओं ने बात मानने से इनकार कर दिया और नौसेना पर गोलीबारी शुरू कर दी। वहीं आईएनएस कोलकाता ने आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए जहाज को निष्क्रिय करने और समुद्री डाकुओं को सरेंडर के लिए मजबूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई शुरू की। इस ऑपरेशन में आईएनएस कोलकाता के साथ आईएनएस सुभद्रा भी शामिल था।
समुद्री लुटेरों ने नौसेना के सामने किया था सरेंडर
भारतीय सेना की कार्रवाई के सामने जहाज पर सवार सभी समुद्री डाकुओं ने घुटने टेकते हुए सरेंडर कर दिया। इसके बाद 35 समुद्री लुटेरों और 17 चालक दल के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया और भारतीय नौसेना के जहाजों में भेज दिया गया।
