April 17, 2026

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चीन बॉर्डर पर ड्यूटी करते हुए राजस्थान का जवान शहीद, तीन दिन बाद गांव में पहुंची पार्थिव देह, पत्नी सहित बेटी-बेटे का रो रोकर बुरा हाल, गांव भर में मातम, निकाली तिरंगा यात्रा

चीन बॉर्डर पर ड्यूटी करते हुए राजस्थान का जवान शहीद, तीन दिन बाद गांव में पहुंची पार्थिव देह, पत्नी सहित बेटी-बेटे का रो रोकर बुरा हाल, गांव भर में मातम, निकाली तिरंगा यात्रा

एनसीआई@कोटपूतली-बहरोड़

बानसूर के गांव माजरा अहीर का निवासी एक जवान अरुणाचल प्रदेश के चाइना बॉर्डर पर शहीद हो गया। वर्तमान में उसकी तैनाती बलवा पोस्ट पर थी। घटना 4 अप्रेल की है। रविवार सुबह शहीद की पार्थिव देह उसके गांव पहुंची तो पूरा इलाका जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटी अमीषा (19) तो पिता की पार्थिव देह के पास बैठ गई और कहती रही-पापा… उठिए। मुझसे बात करिए। बड़ी मुश्किल से उसे संभाला गया।

हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

सेना के 5 ग्रेनेडियर बटालियन में तैनात सूबेदार गिर्राज प्रसाद यादव (46) मूलरूप से गांव माजरा अहीर (बानसूर) के रहने वाले थे। गिर्राज की बेटी अमीषा ने कहा- सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिता को ऊंचाई पर स्थित बलवा पोस्ट पर सांस लेने में दिक्कत हुई थी। इसके बाद उन्हें सैन्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

जवानों ने दी अंतिम सलामी

तिरंगा यात्रा के घर पहुंचने पर शहीद का बेटा शोहित (25) बेसुध हो गया। वीरांगना अंजुलता (44) बार-बार गश खाकर गिर रही थी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद सूबेदार गिर्राज प्रसाद यादव को सेना के जवानों ने सलामी दी। पार्थिव देह को सुबह करीब 9.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष धाम ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।

बेसुध हुए पत्नी और बेटा

तिरंगा यात्रा के घर पहुंचने पर शहीद का बेटा शोहित (25) बेसुध हो गया। वीरांगना अंजुलता (44) बार-बार गश खाकर गिर रही थी। अंतिम दर्शन के बाद शहीद को सेना के जवानों ने सलामी दी। पार्थिव देह को करीब 9:30 अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष धाम ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जयकारे लगाते हुए चले।

तिरंगा यात्रा निकाली

शहीद गिर्राज प्रसाद का शव तीन दिन बाद रविवार सुबह उनके गांव पहुंचा। इससे पूरे गांव में मातम छा गया। पहले पार्थिव देह सुबह 8 बजे करीब हरसौरा थाना क्षेत्र ​​​​​​के ​आलनपुर गांव पहुंची। यहां से ग्रामीणों ने शहीद के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली। सुबह करीब 8.30 बजे से 2 किलोमीटर दूर गांव माजरा तक यह यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान भारत माता और शहीद गिर्राज प्रसाद अमर रहे के जयकारे लगते रहे। इस बीच शहीद गिरिराज प्रसाद के घर पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, भाजपा नेता महेंद्र यादव, डीएसपी सत्यनारायण मीणा, हरसौरा थानाधिकारी प्रदीप यादव आदि अधिकारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे।

1996 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे

शहीद के भाई ने बताया- गिर्राज प्रसाद अक्टूबर 1996 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके एक बेटा शोहित यादव (25) व बेटी अमीषा यादव (19) है। गिर्राज प्रसाद चार-भाई बहनों में तीसरे नम्बर के थे। सबसे बड़े भाई रोहिताश यादव दिव्यांग हैं। छोटे भाई भूपसिंह हरसौरा गांव में खुद का स्कूल चलाते हैं।

तीन अप्रेल को पत्नी से हुई थी फोन पर बात

परिवार ने बताया कि 3 अप्रेल को गिर्राज प्रसाद ने पत्नी को फोन किया था। सब कुछ ठीक लग रहा था। घर-परिवार, बच्चों की पढ़ाई और खेती के बारे में पूछा था। वह एक महीने पहले ही छुट्‌टी लेकर गांव आए थे।

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