आरपीएससी की एक और परीक्षा में सामने आया फर्जीवाड़ा, 4 डमी केंडिडेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार
एनसीआई@अजमेर
आरपीएससी के एग्जाम में लगातार डमी केडिडेट के मामले सामने आ रहे हैं। ज्यादातर केस परीक्षा होने के बाद डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन के दौरान ही पकड़े गए हैं। सेंटर्स पर डमी केंडिडेट के पहचान की कोई व्यवस्था नहीं होती है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPCS) की एक और परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक प्रतियोगी परीक्षा-2022 में 4 डमी केंडिडेट बैठाने के आरोप में आयोग ने एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाकी दो केंडिडेट की तलाश की जा रही है।

चारों ने प्रवेश पत्र की फोटो बदलकर अपनी जगह डमी केंडिडेट को बैठाया था। डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन में शक होने पर आरोपी अभ्यर्थियों को सुनवाई के लिए बुलाया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। डमी केंडिडेट्स और फर्जी डिग्री को लेकर आरपीएससी अलग-अलग परीक्षाओं में बीते 7 महीने में 15 एफआईआर करा चुकी है।
एएसपी संजय चंपावत ने बताया- फलोदी जोधपुर निवासी कैलाश पुत्र जोगाराम जांगू और राकेश मेदा को गिरफ्तार किया गया है। अन्य केंडिडेट व उनकी जगह डमी बनकर परीक्षा देने वालों की तलाश जारी है।
कुल 426 केंडिडेट पास हुए थे
आयोग के अधिकारी प्रवीण मीणा ने 5 अप्रेल 2024 को अजमेर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज कराया है। मीणा के अनुसार 461 पदों के लिए दो पारी में परीक्षा हुई थी। इसमें 426 केंडिडेट पास हुए। इस साल फरवरी में पास हुए केंडिडेट को डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन के लि बुलाया गया था। इनमें 31 केंडिडेट्स नहीं पहुंचे थे।
आयोग ने उन्हें अवसर देते हुए 23 फरवरी को बुलाया, लेकिन इनमें से 4 केंडिडेट राकेश (बांसवाड़ा) पुत्र कैलाश मेदा, गोपीलाल (जालोर) पुत्र बाबूलाल, गैनाराम (बाड़मेर) पुत्र जैसाराम और कैलाश (जोधपुर) पुत्र जोगाराम जांगू नहीं पहुंचे। आरोपियों को फिर से 3 अप्रेल 2024 को फिर बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए।
इन्होंने अपने एडमिट कार्ड में स्वयं की फोटो की जगह स्केन फोटो लगाकर डमी केंडिडेट बैठाए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अभय कमांड सेंटर) संजयसिंह चंपावत ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चम्पावत ने बताया कि जोधपुर से एक आरोपी को हिरासत में लिया है।

कुछ केंडिडेट्स को तो आयोग ने ही पकड़ा
अक्टूबर 2023 से अब तक आरपीएससी फर्जी डिग्री और डमी केंडिडेट्स के करीब 15 मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसमें स्कूल लेक्चरर, शिक्षक भर्ती, ईओ भर्ती, सीनियर पीटीआई भर्ती के एग्जाम शामिल हैं। इसमें 11 केस में तो आरोपी केंडिडेट्स को आयोग ने ही पुलिस को सौंपा है।
