पुलिस की बर्बरता के वीडियो से मच गया हड़कम्प, एसएचओ लाइन हाजिर, विधायक भड़ाना ने कहा-अगर वह अपराधी है तो भी कानून के दायरे में काम करो, यह तो अमानवीयता है
एनसीआई@भीलवाड़ा
भीलवाड़ा जिले की प्रतापनगर पुलिस का एक वीडियो के जरिए बेहद अमानवीय चेहरा सामने आया है। हर कोई इस पर आरोपी पुलिसकर्मियों को धिक्कार रहा है। दरअसल, इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी आरोपी को सड़क पर बैठाकर अपनी दाढ़ी नोचने के लिए मजबूर करते नजर आ रहे हैं। इस पर आरोपी रोते हुए अपने बच्चों की दुहाई देता है, मगर पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजता। वह लगातार उसे झिड़कते हुए दाढ़ी के बाल नोचते रहने का दबाव डालते नजर आ रहे हैं। इस दौरान एक व्यक्ति भी आरोपी के सिर के बाल पकड़कर खींचता नजर आता है।
जैसे ही सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हुआ, हड़कम्प सा मच गया। इस पर मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा-वह व्यक्ति अगर अपराधी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन यह तो अमानवीयता है। इधर, उच्चाधिकारियों के पास यह मामला पहुंचने के बाद आरोपी एसएचओ सुगन सिंह को एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया।

यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना पुलिस ने बुधवार, 8 मई को गैंगवार के आरोपी सुरेश गुर्जर (35) को गुलाबपुरा थाना इलाके से गिरफ्तार किया था। प्रतापनगर थाने लाने से पहले पुलिसकर्मी सुरेश को किसी अन्य स्थान पर ले गए और पूछताछ शुरू कर दी।
आरोप है कि इसी दौरान प्रतापनगर थाना इंचार्ज सुगन सिंह ने सुरेश से दाढ़ी के बाल नोचने को कहा। वहां मौजूद किसी पुलिसकर्मी ने इस घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद गुर्जर समाज में रोष फैल गया। मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना सहित गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने शुक्रवार को एसपी राजन दुष्यंत और जिला कलक्टर नामित मेहता से मुलाकात कर घटनाक्रम से अवगत कराया। साथ ही आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

प्रतापनगर थाना इंचार्ज लाइन हाजिर
वीडियो सामने आने के बाद भीलवाड़ा एसपी राजन दुष्यंत ने प्रताप नगर थाना प्रभारी सुगन सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने कहा-मेरी जानकारी में वीडियो आने और विधायक उदयलाल भड़ाना के मिलने के बाद तत्काल एक्शन लिया गया है। प्रताप नगर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। आगे की जांच डिप्टी एसपी को सौंपी गई है।
वीडियो में यह है
वीडियो में सुरेश गुर्जर पुलिसकर्मियों के दबाव में खुद की दाढ़ी के बाल नोंचता नजर आ रहा है। उसके सामने खड़े पुलिसकर्मी उसे ऐसा करने को कह रहे हैं। इस बीच सुरेश फिरोज, नारू, राकेश प्रजापत, देव आदि नाम लेता है। साथ ही वह उसकी बच्ची के बीमार होने की बात भी कहता है। इस पर उस पर तरस खाने की जगह सामने बैठा पुलिसकर्मी कहता है कि ‘क्या बच्चे उसी के हैं?’ पुलिसकर्मी उस पर पुलिस पर हाथ उठाने का आरोप लगाते हुए गालियां भी देता है। कुछ अन्य लोगों की आवाज आती है, जिसमें वे सुरेश से प्लानिंग में शामिल लोगों के बारे में पूछते हैं।

पुलिस कानून से बाहर नहीं
मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना ने इस मसले पर कहा-सोशल मीडिया से यह जानकारी मिली थी कि 8 मई को गुर्जर समाज के युवक सुरेश गुर्जर के साथ पुलिस ने अमानवीयता की है। हो सकता है उसने कोई लड़ाई-झगड़ा किया हो, क्राइम किया हो। पुलिस का काम कानून व्यवस्था बनाए रखना है, गुनहगारों को सजा देना है। मैं किसी गुनहगार के पक्ष में नहीं हूं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस मानवीय मूल्यों को भूल जाए। अत्याचार करे, अन्याय करे। कानून और संविधान के दायरे में रहकर आरोपी से पूछताछ की जानी चाहिए। अपराधी हो तो मारपीट की जाए, लेकिन कानून के दायरे में रहकर। कानून से बाहर न पुलिस है, न नेता, न जनता।

विधायक आगे कहते हैं-उस व्यक्ति के साथ अमानवीय व्यवहार कर उसकी दाढ़ी के बाल निकाल दिए गए। उसके साथ मारपीट की गई। इस विषय को लेकर मैंने एसपी और कलक्टर से मुलाकात की। ये प्रताप नगर पुलिस थाने वाले हैं और सुरेश को गुलाबपुरा इलाके से उठाया गया है। इस वीडियो में जो एक सफेद रंग की कार दिखाई दे रही है, वो थाने की नहीं है। साथ ही सुरेश को जिस जगह प्रताड़ित किया जा रहा है, वह कोई थाना भी नहीं है। सुरेश के साथ रास्ते में ही मारपीट की गई है। आपस के झगड़े को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। एक समाज विशेष को आपस में टकराने का काम किया जा रहा है, यह गलत है।
भड़ाना ने कहा-रीको एरिया में मजदूरों का आपस में लड़ाई-झगड़ा हुआ था। मेरी जानकारी में यह है कि शायद तब सुरेश गुर्जर मौके पर मौजूद नहीं था। फिर भी उसे उठाया, मारपीट की और इतना अत्याचार किया।
