April 17, 2026

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ईवीएम पर मुम्बई के प्रसिद्ध अंग्रेजी अखबार mid-day ने गलत खबर छापी, विपक्ष ने मुद्दा बनाकर देशभर में बवाल मचाया, नोटिस मिला तो अखबार ने चुनाव आयोग से मांगी माफी, माफीनामा प्रकाशित भी किया

ईवीएम पर मुम्बई के प्रसिद्ध अंग्रेजी अखबार mid-day ने गलत खबर छापी, विपक्ष ने मुद्दा बनाकर देशभर में बवाल मचाया, नोटिस मिला तो अखबार ने चुनाव आयोग से मांगी माफी, माफीनामा प्रकाशित भी किया

एनसीआई@मुम्बई

ईवीएम को मोबाइल के ओटीपी से अनलॉक करने की मिड-डे (mid-day)अखबार की खबर भ्रामक तो थी ही। इस पर चुनाव आयोग का नोटिस मिला तो अखबार ने अपनी गलती मानकर चुनाव आयोग से माफी मांग ली। साथ ही अपना माफीनामा अखबार के प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित भी कर दिया। मगर इस गलत खबर को मुद्दा बनाकर देश भर में बवाल करने वाली विपक्षी पार्टियां, सच्चाई सामने आ जाने के बावजूद भी वैसे ही तेवर अपनाए हुए हैं। अब यह उनके लिए मजबूरी भी है।‌

उल्लेखनीय है कि मिड-डे अखबार ने रविवार को अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि, मुम्बई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट से शिव सेना प्रत्याशी रविंद्र वायकर के रिश्तेदार ने ओटीपी के जरिए ईवीएम हैक की और चुनाव जीत गए। इस पर मुम्बई पुलिस में अखबार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज करवाया गया।

चुनाव आयोग ने यह कहा था

साथ ही चुनाव आयोग ने कहा था कि, कुछ मीडिया आउटलेट्स भ्रामक खबर प्रचारित कर रहे हैं। इसके लिए मिड-डे अखबार ने माफी मांगते हुए खेद जताया है। मिड-डे अखबार सहित एक अन्य अखबार को नोटिस जारी किया गया था। इसमें चुनाव आयोग ने नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि, भ्रामक खबर के लिए आपके खिलाफ क्यों न धारा 499 और 505 के तहत केस किया जाए।

अखबार ने यह दिया स्पष्टिकरण

मिड-डे अखबार ने इस पर स्पष्टिकरण देते हुए कहा कि, हम मानते हैं, रविंद्र वायकर पर छापी गई हमारी रिपोर्ट गलत थी। अखबार ने अपने पहले पृष्ठ पर यह स्पष्टिकरण प्रकाशित भी किया। मिड-डे अखबार की इस खबर के आधार पर विपक्ष के कई नेताओं ने ईवीएम पर सवाल उठाए थे। इस स्पष्टिकरण के ठीक ऊपर चुनाव आयोग की अधिकारी का पक्ष प्रकाशित किया है।

यह था मामला

उल्लेखनीय है कि, रविवार को मिड-डे अखबार की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि रविंद्र वायकर का एक रिश्तेदार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ा फोन इस्तेमाल कर रहा था। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया था कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल ओटीपी जनरेट करने के लिए किया गया था, जिससे ईवीएम मशीन अनलॉक हो गई। रविंद्र वायकर मात्र 48 वोट से विजय घोषित हुए थे। इसके बाद उनके प्रतिद्वंदी अमोल कीर्तिकर ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था।

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