April 17, 2026

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राहुल और अखिलेश की रणनीति मोदी ने कर दी फेल, भारी हंगामे के बावजूद 2.15 घंटे तक किए तगड़े प्रहार, शोर करते हुए थक जाने पर विपक्षी सांसदों की आवाज पड़ी धीमी, मगर मोदी की आवाज पर नहीं पड़ा फर्क, कांग्रेस को दी बड़ी चेतावनी

राहुल और अखिलेश की रणनीति मोदी ने कर दी फेल, भारी हंगामे के बावजूद 2.15 घंटे तक किए तगड़े प्रहार, शोर करते हुए थक जाने पर विपक्षी सांसदों की आवाज पड़ी धीमी, मगर मोदी की आवाज पर नहीं पड़ा फर्क, कांग्रेस को दी बड़ी चेतावनी

मोदी बोले- 2024 से कांग्रेस परजीवी पार्टी कहलाएगी, हिंदू समाज को सोचना होगा, ये अपमान संयोग है या प्रयोग

एनसीआई@नई‌ दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने इस दौरान कुल 2 घंटे 15 मिनट भाषण दिया। बड़ी बात यह रही कि इस बीच विपक्षी सांसद पूरे समय वेल में आकर जोरदार हंगामा करते रहे। मगर करीब आधे घंटे बाद जब वह चिल्लाते हुए थक गए, तब उनकी आवाज धीमी हो गई। मगर नरेन्द्र मोदी की आवाज में कोई परिवर्तन नहीं आया। वे शुरुआती गति से ही धारा प्रवाह बोलते रहे। वहीं, थके हुए विपक्षी सांसद अपनी धीमी पड़ती आवाज को सपोर्ट देने के लिए बीच-बीच में तालियां भी बजाने लगते। वे नारे भी लगाने लग जाते- ‘तानाशाही नहीं चलेगी, ‘मणिपुर-मणिपुर’ और ‘न्याय दो-न्याय दो।’

साफ लग रहा था कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में विपक्षी सांसद यह रणनीति बनाकर आए थे कि पीएम मोदी के भाषण के पूरे समय इतना शोर-शराबा करना है कि उनके द्वारा विपक्ष पर किए जाने वाले जवाबी प्रहार बिल्कुल भी सुनाई नहीं दें। विपक्ष जानता है कि मोदी उन पर लगाए गए आरोपों का तगड़ा जवाब देकर उन्हें पस्त कर देते हैं। हमेशा से ऐसा होता आया है।‌ इस बार एकजुट विपक्ष इस स्थिति से बचना चाहता था, मगर ऐसा नहीं हो सका। भारी हंगामे के बाबजूद मोदी ने खास तौर पर राहुल गांधी पर तगड़े प्रहार किए। अन्य विपक्षी नेताओं को भी घेरा। इससे राहुल गांधी और अखिलेश यादव बीच-बीच में काफी असहज दिखाई दिए। कभी-कभी ये सहज दिखने के लिए मुस्कुराने की कोशिश करते रहे।

हालांकि, भारी हंगामा के चलते पीएम मोदी को इस दौरान अपना भाषण दो बार रोकना पड़ा। स्पीकर ने विपक्ष को दो बार ही हंगामा नहीं करने की नसीहत दी। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह ठीक नहीं है, फिर भी विपक्षी सांसद हंगामा करते रहे।

परजीवी पार्टी के रूप में जानी जाएगी कांग्रेस

पीएम ने अपने सम्बोधन की शुरुआत करते हुए कहा- “कांग्रेस पार्टी 2024 से परजीवी पार्टी के रूप में जानी जाएगी। कांग्रेस जिसके साथ रहती है, उसी के वोट खा जाती है। मैं ऐसा आंकड़ों के आधार पर कह रहा हूं।” प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी के कल के भाषण में हिंदुओं को हिंसक, नफरत फैलाने वाले व असत्य बोलने वाला बताने पर कहा- “यह गंभीर बात है कि हिंदुओं पर आरोप लगाने का झूठा षड्यंत्र हो रहा है। कल सदन में देवी-देवताओं की तस्वीरें दिखाई गईं। जिनका दर्शन किया जाता है, उनका प्रदर्शन नहीं किया जाता। अब हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा कि क्या ये अपमान कोई संयोग है या बड़े प्रयोग की तैयारी है।” इससे पहले पीएम मोदी के संसद पहुंचने पर एनडीए के सांसदों ने मोदी-मोदी के नारों से उनका स्वागत किया।

राहुल का नाम लिए बिना सुनाए 3 किस्से, कहा-एक बच्चा 99% मार्क्स लेकर घूम रहा

पहला किस्सा: पीएम ने राहुल का नाम लिए बिना पहला किस्सा सुनाते हुए कहा, “कोई छोटा बच्चा साइकिल लेकर निकला। वह गिर गया, रोने लगा तो कोई बड़ा आकर कहता है कि देखो चींटी मर गई, चिड़िया मर गई। ऐसा कहकर बड़े बच्चे का मन बहला देते हैं। आजकल बच्चे का मन बहलाने का काम चल रहा है।”

दूसरा किस्सा: पीएम ने कहा- “1984 के चुनावों को याद कीजिए। तब से 10 लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। तब से कांग्रेस 250 के आंकड़े को छू नहीं पाई है। इस बार 99 के चक्कर में फंस गए हैं। मुझे एक किस्सा याद आता है। एक बच्चा 99% मार्क्स लेकर घूम रहा था। लोगों की वाहवाही ले रहा था। टीचर ने कहा कि ये 100 में से 99 नंबर नहीं लाया, 543 में से लाया है।”

तीसरा किस्सा: मोदी ने कहा, “एक बच्चा स्कूल से आया और जोर-जोर से रोने लगा। मां भी डरी कि क्या हो गया। बच्चा बोला- मुझे स्कूल में उसने मारा, इसने मारा, वह जोर-जोर से रोने लगा। मां ने पूछा कि बेटा, बात क्या थी। बच्चा यही बोला कि मुझे मारा, मुझे मारा। बच्चे ने यह नहीं बताया कि उसने किसी को मां की गाली दी थी, किसी की किताब फाड़ दी थी, किसी का टिफिन चुराकर खा गया था। टीचर को चोर बोला था। सदन में कल हमने यही बचकानी हरकत देखी है। कल यहां कहा गया- मुझे इसने मारा, उसने मारा, यहां मारा, वहां मारा। सिम्पैथी हासिल करने के लिए नया ड्रामा खेला गया। जो सच्चाई जानते हैं कि वे हजारों करोड़ रुपए की हेराफेरी में जमानत पर बाहर हैं। ये ओबीसी लोगों को चोर बताने के मामले में सजा काट चुके हैं। इन्हें देश की सर्वोच्च अदालत से गैर-जिम्मेदाराना बयान देने पर माफी मांगनी पड़ी है।”

ये बालक बुद्धि का विलाप ​​…देश आज इनसे कह रहा है कि तुमसे नहीं हो पाएगा

प्रधानमंत्री ने फिर राहुल का नाम लिए बिना कहा, “हमने कल सदन में बचकाना हरकत देखी। ये बालक बुद्धि का विलाप है। बालक बुद्धि में न बोलने का ठिकाना होता है और न ही उनमें व्यवहार का कोई ठिकाना होता है। जब ये बालक बुद्धि पूरी तरह सवार हो जाती है तो सदन में भी ये किसी के गले पड़ जाते हैं। ये बालक बुद्धि जब अपनी सीमाएं खो देती है तो ये सदन में बैठकर आंखें मारते हैं। इनकी सच्चाई पूरा देश समझ गया है। इसलिए देश आज इनसे कह रहा है कि तुमसे नहीं हो पाएगा।”

कांग्रेस को चेताया, I.N.D.I.A के दलों को नसीहत 

मोदी ने कहा, “मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं। हमने दुनिया को दिखा दिया कि ये विश्व का सबसे बड़ा चुनावी अभियान था। देश की जनता ने दुनिया के सबसे बड़े चुनावी अभियान ने हमें चुना है। मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद उनकी घोर पराजय हुई।”

हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश

मोदी ने कहा, “आज हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाने की साजिश हो रही है। षड़ंयत्र हो रहा है। ये कहा गया हिंदू हिंसक होते हैं। ये हैं आपके संस्कार, ये है आपकी सोच, ये है आपका चरित्र। इस देश के हिंदुओं के साथ ये कारनामे। ये देश शताब्दियों तक इसे भूलने वाला नहीं है। कुछ दिन पहले हिंदुओं में जो शक्ति की कल्पना है, उसके विनाश की घोषणा की गई थी। आप किस शक्ति के विनाश की बात करते हैं। ये हिंदुस्तान सदियों से शक्ति की उपासना करता है। ये बंगाल मां काली की उपासना करता है।”

हमारे देवी-देवताओं का अपमान, संयोग हैं या कोई प्रयोग की तैयारी

मोदी बोले, “ईश्वर का हर रूप दर्शन के लिए होता है। हमारे देवी-देवताओं का अपमान 140 करोड़ देशवासियों के दिलों को गहरी चोट पहुंचा रहा है। कर लीजिए राजनीतिक स्वार्थ के लिए। ईश्वर के रूपों का इस तरह से खेल। सदन के कल के दृश्यों को देखकर हिंदू समाज को भी सोचना होगा कि अपमान करने वाले ये बयान संयोग हैं या कोई प्रयोग की तैयारी है। ये हिंदू समाज को सोचना पड़ेगा। एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू परंपरा को नीचा दिखाना, अपमानित करना, मजाक उड़ाना ये फैशन बना दिया है।”

उल्लेखनीय है कि विपक्ष के हंगामे की वजह से मोदी को दो बार भाषण रोकना पड़ा। शोर इतना था कि उन्हें हेडफोन लगाना पड़ा।

कांग्रेस को चेताया, हर साजिश का जवाब अब उसी की भाषा में मिलेगा

पीएम मोदी ने आगे कहा, “2014 में सरकार में आने के बाद देश के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती कांग्रेस के साथ ही कांग्रेस का इकोसिस्टम भी रहा है। कांग्रेस की मदद से ये इकोसिस्टम 70 साल तक फला-फूला है। मैं आज इस इकोसिस्टम को चेतावनी देता हूं, मैं इस इकोसिस्टम को चेताना चाहता हूं कि इस इकोसिस्टम की जो हरकतें हैं, जिस तरह इकोसिस्टम ने ठान लिया है कि देश की विकास यात्रा को रोक देंगे, देश की प्रगति को डिरेल कर देंगे, मैं आज इकोसिस्टम को बता देना चाहता हूं कि उसकी हर साजिश का जवाब अब उसी की भाषा में मिलेगा। ये देश, देश विरोधी साजिशों को कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।”

इंडी गठबंधन के दलों को सलाह

अपना सम्बोधन जारी रखते हुए मोदी ने कहा, “आज के समय में पॉजिटिव राजनीति बहुत जरूरी है। मैं इंडी गठबंधन के पक्ष के लोगों को कहना चाहूंगा कि आइए मैदान में गुड गवर्नेंस पर स्पर्धा करें, लोगों की आकांक्षा पूरी करने में स्पर्धा करें, देश का भला होगा, आपका भी भला होगा। आप अच्छे काम के लिए एनडीए के साथ स्पर्धा करें।”

एक जुलाई को खटाखट दिवस मना

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के द्वारा किए गए वादे पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा, “देश ने 1 जुलाई को खटाखट दिवस भी मनाया है। एक जुलाई को लोग अपने बैंक अकाउंट चेक कर रहे थे कि 8 हजार 500 रुपए आए कि नहीं आए। ये झूठे नैरेटिव का परिणाम देखिए, इसी चुनाव में कांग्रेस ने देशवासियों को गुमराह किया। माताओं-बहनों को हर महीने 8 हजार 500 रुपए देने का झूठ, इन माताओं-बहनों को जो चोट लगी है न, वो श्राप बनकर कांग्रेस को तबाह करने वाली है।”

पेपर लीक के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा

मोदी आगे बोले, “राष्ट्रपति महोदया ने अपने सम्बोधन में पेपर लीक पर भी चिंता जताई है। मैं भी हर विद्यार्थी को, हर नौजवान को कहूंगा कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अत्यंत गम्भीर है। युद्ध स्तर पर हम अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। नीट के मामले में देशभर में पहले ही गिरफ्तारियां की जा रही हैं। पेपर लीक को लेकर सरकार पहले ही एक कड़ा कानून बना चुकी है। परीक्षा को पुख्ता करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।”

कांग्रेस ने संविधान को लेकर झूठ बोला

पीएम ने कहा, “कांग्रेस ने संविधान को लेकर हमेशा झूठ बोला है। मैं नम्रतापूर्वक सच्चाई रखना चाहता हूं। आपातकाल का ये 50 वां साल है। सत्ता के लोभ के खातिर, तामसिक मानसिकता के चलते इमरजेंसी थोपी गई। इसमें कांग्रेस क्रूरता की सभी हदें पार गई। सरकारें गिराना, मीडिया को दबाना, हर काम में संविधान की धारा, भावना और हर शब्द के खिलाफ काम किया।”

कांग्रेस के मुंह झूठ का खून लग गया

मोदी बोले, “तुलसीदास जी कह गए हैं- झूठइ लेना झूठइ देना, झूठइ भोजन झूठ चबेना….। कांग्रेस ने झूठ को हथियार बनाया। कांग्रेस के मुंह झूठ का खून लग गया है। कांग्रेस ने चुनाव में झूठ कहा कि लोगों के अकाउंट में पैसे आएंगे। लोगों ने 1 जुलाई को खटाखट दिवस मनाया है। कल अग्निवीर को लेकर सदन में झूठ बोला गया। ये भी कहा कि एमएसपी नहीं दिया जा रहा। ऐसा कहना सदन का दुर्भाग्य है। अगर कोई नेता झूठ के रास्ते को चुन ले तो देश अराजक रास्ते पर जा रहा है, इसका सबूत मिल चुका है। ये आजादी के लिए बलिदान देने वालों का अपमान हैं। सभापति जी, आप छोटी-मोटी चीजों को अपनी मुस्कान के साथ झेल लेते हैं। कल सदन में जो हुआ, उसे बालक बुद्धि कहकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके इरादे नेक नहीं है।”

कांग्रेस पार्टी 2024 से परजीवी पार्टी के रूप में जानी जाएगी

प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने चुनाव का विश्लेषण किया या नहीं। ये उनके लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी 2024 से परजीवी पार्टी के रूप में जानी जाएगी। परजीवी उसे कहते हैं जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को खाता है। कांग्रेस जिसके साथ रहती है, उसी के वोट खा जाती है। मैं जब कांग्रेस को परजीवी कह रहा हूं तो आंकड़ों के आधार पर कह रहा हूं।’ जहां-जहां भाजपा-कांग्रेस का सीधा मुकाबला था यानी कांग्रेस बड़ी पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 26% रहा। जहां वे जूनियर पार्टी के तौर रहे, वहां स्ट्राइक रेट…। 16 राज्यों में जहां कांग्रेस अकेले लड़ी, उनका वोट शेयर गिरा। गुजरात, छ्त्तीसगढ़ में कांग्रेस अपने दम पर लड़ी। वे 64 में से 2 सीट जीत पाए। इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी है। सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है। कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के जो वोट खाए हैं, उसके बिना लोकसभा में इतनी सीटें जीत पाना मुश्किल था।”

आज जाना कि सत्य के साथ जीना क्या होता है

अंत में मोदी ने कहा, “मेरी आवाज भी मजबूत है, मेरे संकल्प भी मजबूत हैं। किसी भी रुकावटों से मोदी रुकने वाला नहीं है। मैं मानता हूं कि बहुत कुछ सीखेंगे और लोगों की नजरों गिरने से बचने के लिए कोशिश करेंगे। परमात्मा उन्हें भी सद्बुद्धि दे। कोलाहल सत्य की आवाज दबा नहीं सकता। सभापति जी, आपने मुझे बोलने का मौका दिया, इसके लिए आपका आभारी हूं। आज बहुत आनंद आया। आज जाना कि सत्य के साथ जीना क्या होता है।”

यहां गौरतलब है कि पीएम के भाषण के दौरान, पूरे समय विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करते रहे। इस बीच मोदी ने उन्हें पानी ऑफर किया।

18 घंटे चर्चा हुई, 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया

पीएम मोदी के सम्बोधन के बाद स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में सदन की 7 बैठकें हुईं। सदन 34 घंटे तक चला। सत्र के दौरान 539 सदस्यों ने शपथ ली। 26 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव हुआ। मुझे दोबारा स्पीकर बनने का मौका मिला।

27 जून को राष्ट्रपति ने अभिभाषण दिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 18 घंटे की चर्चा हुई। 68 सदस्यों ने इसमें भाग लिया। सत्र की प्रोडक्टिविटी 103% रही। इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई।

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