बूंदी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल निलम्बित, पद का दुरुपयोग कर कर्मचारियों की मिली-भगत से सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप प्रथमदृष्टया सही साबित
एनसीआई@जयपुर/बूंदी
बूंदी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल को पद का दुरुपयोग कर कर्मचारियों की मिली-भगत से सरकारी जमीन पर कब्जा करने व अतिक्रमण कर अनुचित लाभ लेने से सम्बंधित प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलम्बित कर दिया गया है। निदेशक एवं संयुक्त सचिव, स्वायत्त शासन विभाग राजस्थान ने यह आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय है कि मधु नुवाल ही नहीं, उनके परिवारजन भी उनके पद की आड़ में बड़े भ्रष्टाचार करने के आरोपों में घिरे हुए हैं।
आज 29 अगस्त, गुरुवार को जारी इस आदेश में कहा गया है कि, सभापति नगर परिषद बूंदी के द्वारा पद का दुरुपयोग कर सरकारी जमीन पर कब्जा करने व अतिक्रमण कर अनुचित लाभ लेने से सम्बंधित प्रकरण की उपनिदेशक (क्षेत्रीय) स्थानीय निकाय विभाग कोटा से जांच करवाई गई। डीडीआर कोटा द्वारा प्रेषित जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्ट्या पाया गया कि श्रीमती मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद एवं कर्मचारियों द्वारा मिली-भगत करके सरकारी जमीन पर कब्जा करने व अतिकमण कर अनुचित लाभ लेना पाया गया। विभाग को प्राप्त जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर श्रीमती मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद बूंदी को सुनवाई का अवसर देते हुए राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) के तहत स्पष्टिकरण नोटिस जारी किया गया।

मधु नुवाल के द्वारा विभागीय स्पष्टिकरण नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की जांच रिपोर्ट एवं प्राप्त स्पष्टीकरण नोटिस के जवाब तथ्यों से प्रथम दृष्टया पाया गया कि मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद एवं कर्मचारियों द्वारा मिली-भगत करके सरकारी जमीन पर कब्जा कर अतिक्रमण किया गया है। इस प्रकार मधु नुवाल का उक्त आचरण और व्यवहार नगर परिषद के सभापति की पदीय हैसियत का दुरुपयोग है। यह राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) (घ) (i) (iii) (vi) के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में अवचार एवं पद के अन्यथा दुरूपयोग तथा उसके प्रतिकूल आचरण व व्यवहार की श्रेणी में आता है। राज्य सरकार द्वारा मधु नुवाल के विरुद्ध राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (3) के तहत उपरोक्त प्रकरण की न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया जाकर, प्रकरण को न्यायिक जांच के लिए विधि विभाग को प्रेषित किया जा चुका है।
मधु नुवाल, सभापति नगर परिषद बूंदी के पद पर बने रहने से विचाराधीन न्यायिक जांच को प्रभावित करने की संभावना है। अतः श्रीमती मधु नुवाल के कृत्य / आचरण राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (1) (घ) (i) (iii) (vi) के तहत पाए जाने के कारण राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 39 (6) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार श्रीमती मधु नुवाल सभापति नगर परिषद बूंदी को सदस्य (पार्षद) एवं सभापति के पद से तुरन्त प्रभाव से निलम्बित करती है।
यह है राजनीतिक पृष्ठभूमि
मधु नुवाल के पति भगवान नुवाल बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं। मधु नुवाल का पुत्र निशांत नुवाल युवक कांग्रेस का बूंदी जिला अध्यक्ष है। पूरा परिवार कांग्रेस की पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। मधु नुवाल वर्ष 2020 में बूंदी शहर के लुहार कटले से पार्षद निर्वाचित हुईं थीं। इसके बाद उन्हें बूंदी नगर परिषद के सभापति के लिए नामांकित किया गया, जिसमें उन्होंने एक वोट से जीत हासिल की। बूंदी शहर में कुल 60 वार्ड हैं।
