मदरसे में छापे जा रहे थे जाली नोट, नोट छापने की मशीन सहित नकली नोट मिले, आरएसएस को आतंकी संगठन बताने वाली किताब सहित कई अन्य जहरीली किताबें बरामद, 4 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी साजिश की आशंका, मदरसा सील
एनसीआई@प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
जाली नोट छापने के मामले में प्रयागराज के जामिया हबीबिया मदरसे को सील कर दिया गया है। इस मदरसे में एक ऐसी किताब भी मिली थी, जिसमें आरएसएस के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी हुई हैं। इसके अलावा भी कई अन्य जहर भरी किताबें यहां मिली हैं। बड़ी बात यह है कि आरएसएस के खिलाफ लिखी गई किताब के लेखक महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) एसएम मुशर्रफ हैं। इस मदरसे में कई राज्यों के मुस्लिम नौजवान तालीम हासिल कर रहे थे। अंदेशा है कि यहां इनके दिमागों में जहर घोला जा रहा था। इसे लेकर तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
उल्लेखनीय है कि जामिया हबीबिया मदरसे में प्रयागराज पुलिस को 1 लाख 30 हजार रुपए के जाली नोट मिले थे। पुलिस ने मदरसे से संचालित होने वाले नकली नोट छापने के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने इस मदरसे को सील कर दिया।

नकली नोट छापने का कारखाना बना यह मदरसा प्रयागराज शहर के अतरसुइया इलाके में स्थित है। इसमें बड़ी तादाद में विद्यार्थी तालीम हासिल करते रहे हैं। इस मदरसे के एक हिस्से में मस्जिद भी है।
पूर्व आईजी की जहरीली किताबें ऑनलाइन उपलब्ध
दरअसल, जामिया हबीबिया मदरसे में 28 अगस्त को पुलिस ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे हुए। इस दौरान पुलिस को सिर्फ जाली नोट और जाली नोट छापने की मशीन ही नहीं मिली थी, बल्कि पुलिस को कुछ आपत्तिजनक किताबें भी मिलीं। ऐसी ही एक किताब में आरएसएस के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक बातें लिखी हुई हैं। यह किताब महाराष्ट्र के पूर्व आईजी एसएम मुशर्रफ द्वारा लिखी हुई है। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि महाराष्ट्र के रिटायर आईजी मुशर्रफ ने मुम्बई पर हुए 26/11 हमले को लेकर भी कई आपत्तिजनक किताबें लिखीं थीं। ये सभी किताबें ऑनलाइन भी बिक रही हैं।
इस खुलासे से उठ रहे हैं बहुत बड़े सवाल
अब सवाल उठता है कि मदरसे में मिली आरएसएस को आतंकी संगठन बताने वाली इस किताब का मकसद क्या है? इसकी पुलिस जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार इस मदरसे में पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, झारखंड सहित कई अन्य राज्यों के नौजवान आते थे। ऐसे में संघ के खिलाफ जहर घोलने वाली किताब की मदरसे से बरामदगी और मदरसे में जाली नोट छापने की फेक्ट्री का क्या कनेक्शन है, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या मदरसे में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के दिमाग में संघ के खिलाफ जहर तो नहीं भरा जा रहा था? जिससे ये इस संगठन और इसके स्वयं सेवकों के खिलाफ कार्य कर सकें।
