April 21, 2026

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शिमला में मस्जिद के अवैध निर्माण का मसला गर्माया, लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन, प्रशासन को दिया दो दिन का अल्टीमेटम, मंत्री ने भी अपनी सरकार को घेरा, कहा-बाहरी मुसलमानों की बढ़ती जा रही संख्या से बिगड़ रही कानून-व्यवस्था

शिमला में मस्जिद के अवैध निर्माण का मसला गर्माया, लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन, प्रशासन को दिया दो दिन का अल्टीमेटम, मंत्री ने भी अपनी सरकार को घेरा, कहा-बाहरी मुसलमानों की बढ़ती जा रही संख्या से बिगड़ रही कानून-व्यवस्था

एनसीआई@शिमला

देव भूमि के नाम से प्रसिद्ध हिमाचल राज्य की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में एक दशक से जारी मस्जिद के अवैध निर्माण का विवाद आज गुरुवार को अचानक बुरी तरह गर्मा गया। इस मुद्दे पर कई हिन्दू दक्षिणपंथी संगठनों ने विधानसभा के पास चौड़ा मैदान में विरोध प्रदर्शन किया और संजौली स्थित मस्जिद को गिराने की मांग की। देव भूमि क्षेत्रीय संगठन के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने लोगों से शिमला में इकट्ठा होने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा कि राज्यभर के लोगों ने उनके आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और ‘सनातन एकता’ का प्रदर्शन किया।

इसमें और भी बड़ी बात तो यह रही कि राज्य की कांग्रेस सरकार के मंत्री अनिरुद्ध सिंह खुद इनके समर्थन में आ गए। पहले उन्होंने यह मसला विधानसभा में भी उठाया और अपनी ही सरकार को घेरा।हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “संजौली बाज़ार में महिलाओं का चलना मुश्किल हो गया है। उन पर कमेंट किए जाते हैं। यह मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है। चोरियां हो रही हैं, लव जिहाद जैसी घटनाएं हो रही हैं, जो प्रदेश और देश के लिए खतरनाक हैं।‌ मस्जिद का अवैध निर्माण हुआ है।”

असदुद्दीन ओवैसी कांग्रेस पर गुस्साए

इस पर अनिरुद्ध सिंह अपनी ही कांग्रेस पार्टी के नेताओं के निशाने पर आ गए। उन पर बीजेपी की भाषा बोलने का आरोप लगा। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। इधर, एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया।

कांग्रेस सरकार के मंत्री के समर्थन में बीजेपी

राज्य के कई मंत्री, विपक्षी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मस्जिद के अवैध निर्माण पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। प्रदेश सरकार में मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इस निर्माण को लेकर सरकार व प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे पर जिस बेबाकी से अपनी बात रखी, इससे उनके समर्थन में सत्ता पक्ष से अधिक विपक्ष दिखाई दिया। मंत्री सिंह ने कहा कि, जिस जमीन पर मस्जिद बन रही है, वह सरकारी है। उस पर वक्फ बोर्ड ने अवैध कब्जा कर लिया और मस्जिद का निर्माण कर दिया गया। यहां चार मंजिला इमारत खड़ी हो गई।

अवैध निर्माण हटाने के लिए हिन्दू संगठनों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम

मस्जिद के अवैध निर्माण के मामले में हिन्दू संगठनों के लोग दोपहर बाद एकत्र हुए और विरोध मार्च निकाला। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।‌ उधर, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने वाले मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी यहां पहुंचे और धरने को सम्बोधित किया। हिन्दू संगठनों ने इस मामले में सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है‌।

इस तात्कालिक कारण से गर्माया मुद्दा

फिलहाल मस्जिद के अवैध निर्माण के इस मसले के गर्माने का बड़ा कारण दुकानदार यशपाल सिंह पर हुआ हमला है। इनके सिर पर 14 टांके लगे। हमले का मुस्लिम आरोपी अवैध निर्माणाधीन मस्जिद में घुसा था। इसके बाद इलाके के लोग आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की धारा के तहत मामला दर्ज करने की मांग करने लगे। लोगों का आरोप है कि इस मस्जिद में बांग्लादेशी मुसलमानों और रोहिंग्याओं को बसाया जा रहा है। वहीं पिछले कुछ समय से शिमला में अवैध मुसलमान की संख्या बढ़ती जा रही है।

नगर निगम ने कहा-दी थी एक मंजिल के निर्माण की अनुमति

नगर निगम शिमला के आयुक्त भूपेन्द्र अत्री ने बताया कि मस्जिद के लिए केवल एक मंजिल के निर्माण की अनुमति दी गई थी, लेकिन अवैध रूप से तीन और मंजिलें बना ली गई। उन्होंने कहा कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ बोर्ड को भी इसमें पार्टी बनाया गया है। अत्री ने यह भी दावा किया कि जब से यह मामला कोर्ट में गया है, तब से कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। साथ ही आश्वासन दिया कि अवैध निर्माण पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने सम्भाला मोर्चा

आक्रोशित लोगों के द्वारा मस्जिद के घेराव और बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। नगर निगम आयुक्त भूपेन्द्र अत्री, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी और उपायुक्त अनुपम कश्यप मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। एसपी संजीव गांधी ने आश्वासन दिया कि वह किसी भी सामाजिक तनाव को बढ़ने नहीं देंगे। कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मारपीट के मामले में अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।‌ मामले की जांच एएसपी रतन नेगी को सौंपी गई है।

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