रील बनाने खुली जीप से निकला राजस्थान के डिप्टी सीएम का बेटा, आगे-पीछे पुलिस एस्कॉर्ट, वीडियो वायरल हुआ तो मचा बवाल, इधर, डिप्टी सीएम का गैरजिम्मेदाराना तर्क
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के बेटे आशु बैरवा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह खुली जीप में अपने दोस्तों के साथ रील बनाते नजर आ रहा है। खास बात यह है कि उसके आगे-पीछे पुलिस एस्कॉर्ट की गाड़ियां चल रही हैं। ट्रेफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बनाए इस वीडियो ने वीवीआईपी प्रोटोकॉल के दुरुपयोग पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस वीडियो में डिप्टी सीएम का बेटा आशु बैरवा पूरी ठसक से खुले हुड की जीप दौड़ाता दिख रहा है। जीप के आगे-पीछे पुलिस एस्कॉर्ट करते हुए नजर आ रही है। आशु बैरवा के साथ जीप में तीन अन्य युवक भी हैं, जिसमें से एक का नाम कार्तिकेय भारद्वाज बताया गया है। कार्तिकेय कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज का बेटा है, जिन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने सांगानेर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। मगर यहां मुख्य मुद्दा यह है कि मौज-मस्ती और रीलबाजी के लिए नेताओं के इन बेटों को पुलिस एस्कॉर्ट किस वजह से मिली? यह मामला सामने आ जाने के बावजूद भी सरकार इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
वायरल वीडियो में चार लड़के खुली जीप में सवार हैं। ये बरसात के मौसम में भीगते हुए एन्जॉय करते नजर आ रहे हैं। उनके पीछे-पीछे पुलिस की गाड़ी चल रही है, जो कभी जीप के आगे तो कभी पीछे दौड़ती नजर आ रही है। हालांकि यह वीडियो कब और कहां का है, यह स्पष्ट नहीं है।
जीप चलाते उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के बेटे के दूसरी साइड पर कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज का बेटा बैठा है। जो गाड़ी डिप्टी सीएम का बेटा ड्राइव कर रहा है, वो कांग्रेस नेता के बेटे की है। यह वीडियो भी कांग्रेस नेता पुष्पेन्द्र भारद्वाज के बेटे कार्तिकेय भारद्वाज के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसकी टैगलाइन में ‘राजनीति हो या सड़क, हम हर जगह अपनी चाल चलते हैं’ लिखा है।
उल्लेखनीय है डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के पास परिवहन विभाग का भी चार्ज है, लेकिन उनका ही बेटा हाथ छोड़ कर गाड़ी चला कर ट्रेफिक नियमों की धज्जियां उड़ाता नजर आ रहा है।
गैर जिम्मेदाराना तर्क-‘वो अभी बच्चा है, मैं अपने बच्चे को दोष नहीं देता हूं’: बैरवा
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने इस वीडियो पर बवाल मचने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा- मेरा बच्चा अभी बच्चा है। आपस में दोस्त थे। पीएम को धन्यवाद देना चाहता हूं कि मुझे डिप्टी सीएम बनाया। अगर कोई अमीर आदमी ने मेरे बेटे को बड़ी गाड़ी में बैठाया तो कम से कम मेरे बेटे ने कोई अच्छी गाड़ी तो देखी। मैं तो धन्यवाद देता हूं कि मेरे बच्चे को भी लोग पूछने लगे हैं। पुलिस की सिक्योरिटी के लिए पुलिस की गाड़ी पीछे चल रही थी। ‘मैं अपने बच्चे को दोष नहीं देता हूं।’
प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि वीडियो में मेरा बेटा नजर आ रहा है, इसमें कुछ गलत नहीं है, लेकिन मेरे बेटे को कोई गाड़ी एस्कॉर्ट नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि वो गाड़ी सुरक्षा में पीछे पीछे चल रही थी, अगर कोई बेवजह तूल देता है तो उसकी मर्जी। मेरा बेटा सीनियर स्कूल में पढ़ता है। वो अपने स्कूल के दोस्तों के साथ था। यही नहीं यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने के सवाल पर डिप्टी सीएम ने कहा कि यातायात की कहां धज्जियां उड़ीं? मेरा बेटा तो अभी तक 18 साल का भी नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया पर आलोचना
वहीं, सोशल मीडिया पर यूजर्स राजस्थान पुलिस की जमकर क्लास लगा रहे हैं। इनमें से एक यूजर सत्येंन्द्र का कहना है कि इन चारों की कार को एस्कॉर्ट किस वजह से मिला, ये किस पद पर हैं, इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एक अन्य यूजर्स ने लिखा- सरकारी गाड़ियों का रील बनाने मैं सदुपयोग करते हुए नेता जी के सुपुत्र। बात सही है, खानदान या परिवार मैं एक एमएलए भी बन जाए तो सभी एमएलए के बराबर होते हैं। यही देश का दुर्भाग्य है। टेक्स पेयर्स की मनी विकास से ज्यादा ऐशो आराम मैं और मौज मस्ती मैं खर्च होती है।
