राजस्थान मेडिकल काउंसिल का कारनामा: 12 वीं पास को डॉक्टर बना दिया, रजिस्ट्रार सस्पेंड, एसएमएस हॉस्पिटल के एडिशनल सुपरिटेंडेंट को चार्ज
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में 12वीं पास का डॉक्टर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करने के मामले में रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने ये आदेश इस मामले के लिए बनाई जांच कमेटी की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद दिए। इसके बाद सरकार ने एसएमएस हॉस्पिटल के एडिशनल सुपरिटेंडेंट डॉ. गिरधर गोयल को आरएमसी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त चार्ज सौंप दिया है।
इससे पहले मंगलवार को प्रिंसिपल सेक्रेटरी (मेडिकल और हेल्थ) गायत्री राठौड़ के निर्देशन में जांच कमेटी बनाई गई। इसमें पांच सदस्य हैं। मंत्री खींवसर ने आज देर शाम को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। उन्होंने इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर फाइनल रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, समाचार पत्र दैनिक भास्कर ने आरएमसी में फर्जी तरीके से डॉक्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करने के मामले का खुलासा किया था। इसमें काउंसिल रजिस्ट्रार की भूमिका संदिग्ध मानी गई थी। रिपोर्ट में 98 फर्जी डॉक्टर्स के रजिस्ट्रेशन करने की बात सामने आई थी। रजिस्ट्रेशन के लिए सर्टिफिकेट, एनओसी, वैरिफिकेशन तक फर्जी तरीके से किया गया।
हैरत की बात यह है कि आरएमसी ने 12 वीं पास लोगों की डिग्री तक नहीं देखी। ऐसे 98 फर्जी डॉक्टर हैं। सर्टिफिकेट, एनओसी, रजिस्ट्रेशन और वैरिफिकेशन तक फर्जी तरीके से कर दिए गए। इन्होंने एक भी दिन न तो मेडिकल की पढ़ाई की और न ही इंटर्नशिप।
डॉ. राजेश शर्मा को राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार पद से हटा दिया गया है।
जांच कमेटी में ये हैं शामिल
जांच कमेटी में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान, पीसीपीएनडीटी प्रोजेक्ट डायरेक्टर महिपाल सिंह, अतिरिक्त निदेशक (राजपत्रित) डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, वित्तीय सलाहकार वीना गुप्ता और एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. अजीत सिंह शामिल हैं।
वेरिफिकेशन नहीं, जाली ई-मेल अटेच कर रजिस्ट्रेशन कर दिए
फर्जी डॉक्टरों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय अलग-अलग राज्यों की काउंसिल में रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और एनओसी में काट-छांट कर फर्जी कॉपी अटैच की। आरएमसी ने जांच किए बिना ही वेरिफिकेशन का जाली ई-मेल तैयार कर इसे फाइल में अटेच कर दिया।
