April 27, 2026

News Chakra India

Never Compromise

ऑफिस में बुजुर्ग को बेवजह खड़े रखना बाबुओं को पड़ा भारी, मिली 20 मिनट खड़े रहने की सजा (वीडियो)

ऑफिस में बुजुर्ग को बेवजह खड़े रखना बाबुओं को पड़ा भारी, मिली 20 मिनट खड़े रहने की सजा (वीडियो)

नोएडा प्राधिकरण में 65 से अधिक केमरे लगे हुए हैं। ये कैमरे हर विभाग के अलावा आने-जाने वाले रास्तों पर भी हैं। इन केमरों के कंट्रोल रूम का सेटअप प्राधिकरण के सीईओ के कमरे में है। सोमवार को सीसीटीवी कैमरों से देख रहे सीईओ को आवासीय भूखंड विभाग की एक बात नागवार गुजरी।

एनसीआई@नोएडा

नोएडा प्राधिकरण के आवासीय भूखंड विभाग के कर्मचारियों को काफी देर तक खड़े रखने के बावजूद एक बुजुर्ग आवंटी का काम नहीं करना महंगा पड़ गया। सीसीटीवी कैमरों से देख रहे नोएडा प्राधिकरण के सीईओ को यह बात बहुत अधिक नागवार गुजरी। सीईओ ने मौके पर पहुंच कर विभाग के कर्मचारियों को 20 मिनट तक खड़े रहने की सजा सुनाई।

नोएडा प्राधिकरण में 65 से अधिक कैमरे लगे हैं। ये कैमरे हर विभाग के अलावा आने-जाने वाले रास्तों पर भी हैं। इन कैमरों के कंट्रोल रूम का सेटअप प्राधिकरण के सीईओ के कमरे में है। इसके जरिए वह प्राधिकरण के अलग-अलग विभाग पर नजर रखते हैं। रोजाना की तरह सीईओ सोमवार को भी कैमरों के जरिए प्राधिकरण का हाल देख रहे थे। उनकी आवासीय भूखंड विभाग पर नजर गई तो देखा एक बुजुर्ग सरदार एक महिला बाबू के सामने काम के सम्बंध में खड़े हैं। सीईओ ने अपने कर्मचारियों से विभाग में संदेश भेजा कि इनका काम कर दिया। अगर नहीं हो सकता है तो अनावश्यक रूप से खड़ा न रखा जाए।

तय समय तक खड़े रहे सभी बाबू

आवंटी का काम टीएम से सम्बंधित था। इसके बाद सीईओ अपने अन्य काम में लग गए। करीब 15-20 मिनट बाद सीईओ की नजर फिर से उसी विभाग पर गई। इसमें सामने आया कि बुजुर्ग आवंटी वहीं खड़ा है। इससे गुस्साए सीईओ करीब साढ़े ग्यारह बजे खुद ही विभाग में जा पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। विभाग में काम कर रहे सभी बाबुओं को करीब 20 मिनट तक खड़े रहने की सजा दी। सीईओ के आदेश की वजह से सभी बाबू तय समय तक अपनी सीट पर खड़े रहे।

आवासीय भूखंड विभाग की सबसे अधिक शिकायतें

प्राधिकरण के बाबुओं के काम नहीं करने के कई अन्य मामले लगातार अधिकारियों तक पहुंचते हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें आवासीय भूखंड और मकान से सम्बंधित आवासीय विभाग की आती हैं। इन विभागों में सुविधा शुल्क नहीं देने वाले आवंटियों को कोई न कोई कागजात की कमी बताकर कई चक्कर कटवाए जाते हैं। तीसरे नम्बर पर नियोजन विभाग में लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां पांच प्रतिशत के भूखंड लगवाने, आवेदन करने के बावजूद काफी दिनों तक नक्शा पास नहीं होने सहित अन्य समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ता है।

सीईओ ने कही यह बात

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने कहा, ‘कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर आम लोगों के काम करने ही होंगे। अगर कोई काम होने लायक नहीं है तो आवंटी को ठीक ढंग से बताया जाए, अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। लोगों को परेशान करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.