छात्र ने खुद के अपहरण की गढ़ी कहानी, पिता से ही मांगी 3 लाख की फिरौती, दोस्त भी साजिश में शामिल, दोनों गिरफ्तार
एनसीआई@भरतपुर
जिले के बयाना थाना क्षेत्र के निवासी एक छात्र ने ऑनलाइन एप के कर्ज से परेशान होकर खुद के ही अपहरण की कहानी गढ़ डाली। इस नाटक में उसके एक दोस्त ने भी साथ दिया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली एएसआई जीतेन्द्र शर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात कोतवाली क्षेत्र के पठानपाड़ा निवासी किशनलाल ने इस मामले में रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि उसके बेटे राहुल (24) का किसी ने अपहरण कर लिया है। अपहरण करने वालों ने उससे मारपीट करते हुए वीडियो कॉल कर 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी है।
रिपोर्ट में किशनलाल ने बताया था कि इस मामले में पहला कॉल शुक्रवार रात 9.30 बजे आया। इसके बाद दूसरा कॉल रात 11.30 बजे आया। राहुल के दोस्त योगेश ने किशनलाल (राहुल के पिता) को वॉट्सएप पर राहुल के कुछ वीडियो भेजे और कहा कि राहुल परेशानी में है। मुझे वॉट्सएप पर ये वीडियो मिले हैं।
12 घंटे में मामले का खुलासा, दोनों युवकों को किया दस्तयाब
पुलिस ने बताया-पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर राहुल के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई। इस पर उसकी लास्ट लोकेशन लुधावई टोल प्लाजा के पास मिली। इस पर पुलिस की टीम ने करीब 10 जगहों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और 40 से 50 लोगों से पूछताछ की। साथ ही राहुल के दोस्त योगेश के नम्बर की लोकेशन ट्रेस की तो वह सेवर के पास मिली।
इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार सुबह 10 बजे राहुल और उसके दोस्त योगेश को सेवर क्षेत्र के मालीपुरा गांव के पास स्थित एक खंडहरनुमा हवेली से दस्तयाब कर लिया।
दोस्तों से पैसे उधार लिए, चुकाने में फंसा
पूछताछ में राहुल ने परिजनों के सामने पुलिस को पूरे मामले की अलग ही बात बताई। इसके अनुसार वह भरतपुर में किराए के मकान में रहकर एसएससी सीजीएल परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पिता हर महीने 5 हजार रुपए खर्चा भेजते थे। इसके बावजूद उसने दोस्तों से कुछ पैसे उधार ले लिए थे। पिता को इस बात का पता न चले इस लिए मकान का किराया चुकाने के लिए शुरू में ढाई हजार रुपए ऑनलाइन लोन एप (एम-पॉकेट) से कर्ज लिया।
मगर वह समय पर पैसे नहीं चुका सका, वहीं ब्याज अधिक होने से यह राशि बढ़ती गई। पहले लोन को चुकाने के लिए उसने तीन बार में करीब 40 हजार रुपए ऑनलाइन एप से कर्ज लिया। इसे चुकाने के लिए मोहल्ले के परिचित कान्हा गुर्जर से 40 हजार रुपए तीन माह के लिए ब्याज पर उधार लिए। तीन माह बाद कान्हा 40 हजार की जगह 1 लाख 20 हजार रुपए मांगने लगा। इसी से तंग आकर उसने अपने अपहरण और फिरौती की साजिश रची।
योगेश और राहुल दोनों दोस्त, एक साथ पढ़ते थे
पुलिस ने बताया-योगेश और राहुल दोनों दोस्त हैं। वह भरतपुर में एक साथ पढ़ते थे। पिता को रात 11.30 बजे दोनों ने राहुल के नम्बर से लुधावई टोल प्लाजा के पास से फोन किया। इसके और सिम तोड़कर फेंक दी। इसके बाद पास में स्थित एक ढाबे पर खाना खाया और खंडहरनुमा हवेली में चले गए।
कोतवाली एएसआई ने बताया कि पुलिस ने महज 12 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए दोनों युवकों को दस्तयाब कर लिया। राहुल के पिता किशनलाल बयाना में ही टेलरिंग का काम करते हैं।
