कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल हत्या कांड: जानें पुलिस जांच की क्या है दिशा, राजनीतिक एंगल पर कही यह बड़ी बात, सूटकेस में मिला था शव
एनसीआई@रोहतक
रोहतक में सांपला बस स्टेंड के पास एक नीले रंग के सूटकेस ने सनसनी फैला दी। जब पुलिस ने सूटकेस खोला तो अंदर एक युवती का शव था। गले में चुन्नी कसी थी, हाथों में मेहंदी लगी थी। जांच में खुलासा हुआ कि यह शव कांग्रेस नेत्री हिमानी नरवाल (22) का है। यह पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। इस मामले में सवाल है कि हिमानी की हत्या किसने और क्यों की? पुलिस को इसमें कोई राजनीतिक एंगल नहीं दिख रहा है।
दरअसल, कल 1मार्च की सुबह का यह मामला है। रोहतक के सांपला के बस स्टेंड के पास नीले रंग का लावारिस सूटकेस रखा हुआ था। राहगीरों की नजर पड़ी तो किसी ने पुलिस को सूचना दी। इस पर थोड़ी देर में पुलिस मौके पर पहुंची। जब सूटकेस खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। शव की दशा देखकर यह अनुमान लगाया गया कि किसी ने बेरहमी से हत्या कर इसे सूटकेस में बंद कर फेंका है।
कुछ देर बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह शव कांग्रेस नेत्री हिमानी नरवाल का है। हिमानी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ सामने आती रही हैं। इनमें राहुल गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक शामिल हैं।

सांपला थाना पुलिस और एफएसएल टीम को शुरुआती जांच में लगा कि हिमानी नरवाल की हत्या गला घोंटकर की गई है। आगे सवाल हत्या के आरोपी और इसके कारण का पता लगाने का है। इस मामले में सांपला थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह का कहना है कि फिलहाल हमें कोई राजनीतिक एंगल नजर नहीं आ रहा है, फिर भी सभी संभावनाओं पर जांच कर रहे हैं। मामले को सुलझाने के लिए टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने बनाई 5 टीमें
कांग्रेस नेत्री हिमानी की हत्या के मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने पांच टीमें गठित की हैं। हिमानी के घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही हैं। इसके साथ ही साइबर टीम उनके सोशल मीडिया अकाउंट की गहन पड़ताल कर रही है, जिससे किसी संदिग्ध सम्पर्क या हालिया गतिविधियों का पता चल सके। हालांकि, जहां सूटकेस में उनका शव बरामद हुआ, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा होने से जांच टीम को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
जानें हिमानी नरवाल के बारे में
हिमानी नरवाल कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता थीं। पार्टी के हर बड़े कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी रहती थी। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से भी वह जुड़ी हुई थीं। विधायक बीबी बत्रा ने उनकी हत्या की पुष्टि करते हुए कहा कि हिमानी कांग्रेस की मेहनती कार्यकर्ता थीं। उनकी हत्या एक गम्भीर मामला है। इसकी जांच एसआईटी से करवाई जानी चाहिए।
किन हालात में की गई हिमानी की हत्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि हिमानी नरवाल की हत्या आखिरकार किन हालात में की गई? क्या उन्हें किसी ने मिलने के बहाने बुलाया और फिर हत्या कर दी या फिर यह कोई पूर्व नियोजित साजिश थी? पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से कई बातें साफ होंगी। पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी वो हो सकते हैं, जिनसे हिमानी ने आखिरी बार सम्पर्क किया था।
