बैलों की जोड़ी रखने वाले किसानों को मिलेगा 30 हजार रुपए का अनुदान, पारम्परिक खेती को मिलेगा सम्बल
Rajasthan Chief Minister Shri Bhajanlal Sharma and Deputy Chief Ministers Ms Diya Kumari and Dr Prem Chand Bairwa calling on the Union Minister for Defence, Shri Rajnath Singh, in New Delhi on December 17, 2023.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस पहल से पारम्परिक खेती को मिलेगा सम्बल
एनसीआई@कोटा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दूरदर्शी सोच और किसानों के जीवन को सरल बनाने के संकल्प के तहत राजस्थान सरकार ने पारम्परिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2025-26 के तहत राज्य सरकार अब उन किसानों को 30 हजार रुपए प्रति बैल जोड़ी अनुदान देगी, जो बैलों से खेतों की जुताई कर रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, खेती को आसान बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
लघु व सीमांत किसानों के लिए सुविधा
यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो आज भी परम्परागत तरीकों से खेती करते हैं। आधुनिक कृषि यंत्रों को खरीदने में सक्षम नहीं हैं। कृषि विभाग द्वारा इस योजना के दिशा-निर्देश हाल ही में जारी कर दिए हैं। जल्द ही इसकी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैल जोड़ी रखने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार की इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनके पास कम से कम दो बैल हों और जो उनका उपयोग खेती कार्य में कर रहे हों। इस योजना के तहत केवल लघु एवं सीमांत किसानों को शामिल किया गया है, जिसके लिए तहसीलदार से प्रमाणित लघु या सीमांत कृषक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी पारदर्शिता और सुविधा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘डिजिटल और पारदर्शी शासन’ की सोच को ध्यान में रखते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसान स्वयं या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से ‘राज किसान साथी पोर्टल’ पर जन आधार नम्बर से लॉगिन कर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ किसानों को बैल जोड़ी के साथ स्वयं की फोटो, पशु बीमा पॉलिसी, बैलों का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, शपथ पत्र तथा लघु या सीमांत किसान प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
30 दिन में मिलेगा अनुदान, एसएमएस से मिलेगी जानकारी
सरकार ने तय किया है कि सभी वैध आवेदनों की जांच 30 दिन में पूर्ण कर दी जाएगी और स्वीकृति की सूचना किसानों को एसएमएस और पोर्टल के माध्यम से दी जाएगी। किसान स्वीकृति आदेश या प्रमाण पत्र को ऑनलाइन पोर्टल से डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सम्बल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में यह योजना ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को न केवल आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि कृषि उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायक होगी। यह पहल ना केवल किसानों की मेहनत को मान्यता देती है, बल्कि प्रदेश सरकार के उस संकल्प को भी दर्शाती है। इससे वह खेती और किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पारम्परिक खेती को नया जीवन देने वाली यह योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।
