April 25, 2026

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वसुंधरा राजे की नाराजगी के बाद जलदाय विभाग के सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) को हटाया, कुछ अन्य‌ अधिकारियों पर भी होगी कार्यवाही

वसुंधरा राजे की नाराजगी के बाद जलदाय विभाग के सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) को हटाया, कुछ अन्य‌ अधिकारियों पर भी होगी कार्यवाही

एनसीआई@जयपुर

झालावाड़ जिले में पीने के पानी के संकट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की नाराजगी के बाद सरकार ने तेजी से एक्शन शुरू कर दिया है। इस क्रम में जलदाय विभाग ने झालावाड़ के सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर (एसई) दीपक कुमार झा को पद से हटाकर एपीओ कर दिया है। एपीओ अवधि में झा को जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर और अतिरिक्त सचिव के कार्यालय में हाजिरी देनी होगी। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कुछ अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन की तैयारी है।

जलदाय विभाग के आदेश के अनुसार, झालावाड़ जिले के जल जीवन मिशन के कामों की प्रगति संतोषजनक नहीं होने, अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने, जल जीवन मिशन के कार्यों की सही तरीके से मॉनिटरिंग नहीं करने और समय पर निविदाएं आमंत्रित नहीं करने से पैदा हुए जल संकट की शिकायतों को देखते हुए सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर झा को एपीओ किया गया है।

यह था मामला

उल्लेखनीय है कि गत दिनों वसुंधरा राजे ने झालावाड़ जिले में पानी के संकट पर नाराजगी जताते हुए कहा था-अफसर सो रहे हैं, लोग रो रहे हैं, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी‌। वसुंधरा राजे ने अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इसके बाद वसुंधरा ने सोशल मीडिया पर दो पोस्ट करके अफसरों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक्स पर लिखा था- क्या जनता को प्यास नहीं लगती? सिर्फ आप अफसरों को ही लगती है। गर्मी में पेयजल संकट के कारण जनता त्रस्त है। अफसर तृप्त हैं। पानी कागजों में नहीं, लोगों के होठों तक पहुंचे। अफसर सो रहे हैं, लोग रो रहे हैं। मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।

राजे ने कहा था- प्रधानमंत्री जी ने 42 हजार करोड़ जल जीवन मिशन में दिए हैं। पाई-पाई का हिसाब दो कि झालावाड़ के हिस्से की राशि का आपने क्या किया? पेयजल संकट निवारण के लिए हमारी सरकार तो पैसा दे रही है, लेकिन अफसर योजनाओं की सही क्रियान्विति नहीं कर रहे। इसलिए राजस्थान के लोग प्यास से बेचैन हैं। यह तो अप्रेल का हाल है, जून-जुलाई में क्या होगा? अधीक्षण अभियंता सहित कोई अफसर मुझे संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, झालावाड़ में यह नहीं चलेगा।

राजे की नाराज़गी के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी थी। पाटिल ने सोशल मीडिया पर लिखा था- झालावाड़ में जल संकट को लेकर वसुंधरा राजे की उठाई गई चिंता को गम्भीरता से लिया है। राजस्थान सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक कर दिए थे सख्त निर्देश

वसुंधरा राजे की नाराजगी के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जलदाय विभाग से जल संकट को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। उस रिपोर्ट में झालावाड़ में जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी को लेकर भी रिपोर्ट तलब की गई थी। सीएम ने इसके बाद जलदाय मंत्री और विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर जल संकट पर नाराजगी जताई। शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी, एक्शन होगा। मुख्यमंत्री ने जल संकट का हर हाल में समाधान करने को कहा। जल जीवन मिशन के तहत 5000 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर इसी महीने जारी करने के निर्देश दिए गए।

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