खाने के पैसे मांगे तो पुलिसवालों को लगी बेइज्जती, ढाबा मालिक को पहले ढाबे पर फिर थाने में ले जाकर बुरी तरह पीटा, सिर-कान से निकलने लगा खून, 5 पुलिसकर्मी निलम्बित
एनसीआई@भिवाड़ी
खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी के एक ढाबे पर रविवार रात साढ़े दस बजे करीब कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे। वहीं गाड़ी में बैठकर शराब पी, फिर ढाबे में खाना खाया। यहां तक तो सब ठीक था, मगर मामला तब बिगड़ा जब ये पुलिसकर्मी बिना पैसे दिए जाने लगे। इस पर ढाबा मालिक ने खाने के पैसे मांगने की हिमाकत कर ली। एक तो पुलिसवाले, उस पर शराब का सुरूर। कुल मिलाकर शहंशाहे आलम, अर्थात पूरे संसार के राजा। ऐसे में भला ये अपनी रियाया, अर्थात जनता का ऐसा दुस्साहस कैसे बर्दाश्त करते। यह तो उनकी सरासर तौहीन थी।
बस, इन पुलिसकर्मियों ने उस नाचीज ढाबा मालिक को सजा देने की ढान ली। दनादन मारपीट शुरू कर दी। फिर थाने में ले जाकर भी अपने हाथ साफ किए। ढाबा मालिक के सिर व नाक से खून आने लगा। तब अन्य पुलिसकर्मियों को, जो होश में थे, उन्हें डर लगा कि हालत ज्यादा बिगड़ न जाए। इस पर ढाबा मालिक को अस्पताल में भर्ती कराया। उसका यहां प्राथमिक उपचार कर रात को ही छुट्टी दे दी गई।

230 की जगह 150 रुपए देने को भी तैयार नहीं हुए
इस मामले में ढाबा मालिक प्रदीप कुमार ने बताया कि पहले भिवाड़ी थाने के कॉन्स्टेबल शांतिलाल, समय सिंह और राम सिंह उसके फूलबाग स्थित दिलखुश ढाबे पर पहुंचे। तीनों पुलिसकर्मियों ने ढाबे के सामने गाड़ी में बैठकर शराब पी और उसके बाद शराब के नशे में खाना खाया। खाना खाकर जैसे ही जाने लगे तो उसने पुलिसकर्मियों से खाने के 230 रुपए मांग लिए। तीनों पुलिसकर्मियों ने पैसे देने से मना कर दिया। इस पर प्रदीप ने डिस्काउंट करते हुए 150 रुपए ही दे देने की रिक्वेस्ट की। इस पर पुलिसकर्मियों ने उखड़ते हुए उससे मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं पुलिसकर्मी शांतिलाल ने भिवाड़ी थाने में गाड़ी ड्राइवर अमराराम को फोन किया। इस पर अमराराम थाने से एएसआई सुरेन्द्र सिंह के साथ ढाबे पर गाड़ी लेकर पहुंच गया।
कर्मचारियों से भी मारपीट, मामा के साथ उठा कर ले गए
प्रदीप का आरोप है कि इसके बाद पांचों पुलिसकर्मियों ने उसके साथ ढाबे के कर्मचारियों से भी मारपीट शुरू कर दी। गाली-गलौच करते हुए उसे व उसके मामा हुकमसिंह को गाड़ी में डाल थाने ले गए। वहां थाना अधिकारी के केबिन के सामने की सीढ़ियों पर उसे पटक कर बुरी तरह पीटा।
पैरों के नीचे गर्दन दबा कर मारपीट के वीडियो डिलीट किए
इसी के साथ होटल में की गई मारपीट के वीडियो डिलीट करने के लिए कॉन्स्टेबल शांतिलाल ने प्रदीप की गर्दन अपने पैरों के नीचे दबाई और मोबाइल का पासवर्ड पूछा।पासवर्ड लेकर मारपीट के बनाए हुए वीडियो डिलीट कर दिए। इसके बाद उसका सिर सीढ़ियों पर दे मारा। इससे उसके सिर और कान के पास गहरी चोट लगी और खून बहने लगा। अन्य पुलिसकर्मियों ने तब जाकर बीच- बचाव किया और प्रदीप को अस्पताल ले गए।
एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा-बर्दाश्त नहीं
भिवाड़ी एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पांचों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। किसी भी हालत में ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच भिवाड़ी डीएसपी कैलाश चौधरी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे कार्यवाही की जाएगी।
