बगीचा नवमी: रविवार को ऐतिहासिक श्री गोपाल लाल मंदिर में गूंजेंगे जयकारे, प्रभु भक्तों संग झूलेंगे झूला
एनसीआई@बूंदी
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच रविवार शाम को शहर की ऐतिहासिक धरोहर और वल्लभ सम्प्रदाय की प्रथम पीठ, श्री गोपाल लाल मंदिर (बालचंद पाड़ा) में भक्ति और उल्लास का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहां शाम 4.30 बजे से ‘बगीचा नवमी महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह वह दुर्लभ अवसर होगा जब प्रभु स्वयं गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों के साथ बगीचे में झूला झूलेंगे।

आयोजन समिति के संयोजक एवं वरिष्ठ समाजसेवी पुरुषोत्तम पारीक ने बताया, “यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभव होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी हम सभी भक्त मिलकर भगवान श्री गोपाल लाल जी को बगीचे में झूले पर विराजित करेंगे। यह एक अद्भुत क्षण होता है, जब हर श्रद्धालु अपने हाथों से प्रभु को झूला झुलाकर उनसे अपने मन की बात कहता है और पुण्य का भागी बनता है।”
ये होंगे महोत्सव के मुख्य आकर्षण
इस अवसर पर पंडित मधुसूदन शर्मा द्वारा प्रभु श्री गोपाल लाल को नवीन रेशमी वस्त्र पहनाकर पुष्पों और रत्नों से अलौकिक शृंगार किया जाएगा। भगवान को बगीचे में एक सुसज्जित झूले पर विराजित किया जाएगा, जहां भक्तजन दर्शन कर उन्हें झूला झुला सकेंगे। मंदिर परिसर में मधुर भजनों और कीर्तन की अमृत वर्षा होगी, जो वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर देगी। भव्य शृंगार और झूला उत्सव के बाद सामूहिक महाआरती का आयोजन होगा और भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
आयोजन समिति के सदस्य भानु न्याती, भानु शर्मा, सौरभ लखोटिया, सुशील कासट और देवेन्द्र सरोया इस महोत्सव को अविस्मरणीय बनाने के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। उनका लक्ष्य है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के सुगम दर्शन हो सकें। वे इस आध्यात्मिक उत्सव का पूर्ण आनंद ले सकें।
आयोजन समिति ने बूंदी के सभी धर्मप्रेमियों से इस पावन अवसर पर सपरिवार पधारकर भगवान श्री गोपाल लाल जी का आशीर्वाद प्राप्त करने और अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त करने का आग्रह किया है। यह महोत्सव पूरे शहर के लिए श्रद्धा, शांति और आनंद का केन्द्र बनेगा।
