संवेदनशीलता के साथ प्रयास कर अधिक से अधिक प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाएं, बिरला ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित सर्वे में चूक बर्दाश्त नहीं
एनसीआई@कोटा/बून्दी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित लोगों को अधिक से अधिक राहत मिले, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नुकसान के सर्वे में किसी भी प्रकार की लापरवाही और चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिरला ने कहा कि मैंने स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात देखे हैं, कई परिवारों का सब कुछ बह गया है। ऐसे में प्रभावितों तक त्वरित और संवेदनशीलता के साथ राहत पहुंचाना आवश्यक है।

कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को कोटा-बूंदी जिले के अधिकारियों के साथ राहत और आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा करते हुए बिरला ने कहा कि मकानों, पशुओं और फसलों के नुकसान का सर्वे पूरी ईमानदारी से हो और सभी पात्र प्रभावितों को एसडीआरएफ नॉर्म्स के अनुसार सहायता दी जाए। उन्होंने उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहायता राशि के आवेदन के समय प्रभावितों से मकान का पट्टा नहीं मांगा जाए, क्योंकि नॉर्म्स में इसका कोई प्रावधान नहीं है। बिरला ने कहा प्रयास किए जाएं कि जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें अधिक से अधिक सहायता मिल सके। बर्तन और कपड़ों की क्षति के लिए भी मुआवजा दिलाने का प्रयास हो।
जलभराव का हो स्थायी समाधान
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कई स्थानों पर पानी की निकासी बंद होने से गांव और बस्तियों में जलभराव हो गया। इसके कारणों का अध्ययन कर स्थायी समाधान सुझाने के लिए उपखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में सीएडी, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी और पंचायती राज विभाग की कमेटी गठित की जाए। शहरी क्षेत्रों में भी नगर निगम स्तर पर कमेटी बनाकर पानी की निकासी के लिए वैकल्पिक उपाय तय किए जाए। बिरला ने कहा कि जलभराव के बाद जिन गांवों में मलबा जमा हुआ है, वहां मनरेगा के तहत सफाई करवाई जाए। प्रभावित परिवारों की सूची बनें, ताकि उन्हें जनसहयोग से भी सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
किसानों को अधिक से अधिक मुआवजा
कृषि विभाग ने बताया कि अतिवृष्टि से सोयाबीन और उड़द की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बिरला ने निर्देश दिए कि लघु और सीमांत किसानों को एसडीआरएफ नॉर्म्स के तहत अधिक से अधिक मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू की जाए, ड्रेनेज सिस्टम चेक किया जाए और बिजली-पानी की व्यवस्था बहाल की जाए।
बैठक में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, जिला कलेक्टर कोटा पीयूष समारिया, जिला कलेक्टर बूंदी अक्षय गोदारा, अतिरिक्त आयुक्त, एडीएम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
