कोटा में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन नमूने लेकर 38 हजार 200 किलो माल किया सीज (वीडियो)
एनसीआई@कोटा
राजस्थान सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान’ के तहत सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक ही प्रतिष्ठान से तीन नमूने लेकर 31 हजार 750 किलो मिश्री, 5 हजार किलो बूरा व 1 हजार 450 किलो सोडियम हाइड्रोसल्फाइट सीज किया।
दीपावली के त्योहार के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कोटा शहर में मैसर्स रामपति इंडस्ट्रीज, रानपुर का निरीक्षण किया। यहां काफी अनियमितताएं पाई गईं। यहां फूड लाइसेंस उचित स्थान पर प्रदर्शित नहीं पाया गया। फर्म में कार्यरत फूड हेंडलर्स बिना उचित पोशाक (मास्क, ग्लव्स) के कार्य करते हुए पाए गए। मौके पर सभी फूड हेंडलर्स का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। पानी की केमिकल व माइक्रोबायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। पेस्ट कंट्रोल का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया। इसके अलावा साफ-सफाई का बिल्कुल अभाव था। अनहाइजनिक कंडिशन में बूरा, मिश्री व मखाने का निर्माण कार्य किया जा रहा था।

पैकिंग कोटा में, लिखा हुआ था जयपुर की फर्म का नाम
इस निर्माण इकाई में 1हजार 270 कट्टों में (प्रत्येक कट्टे में 25 किलो) मिश्री बिना किसी मार्का, अवधि पार दिनांक, उत्पादन दिनांक, निर्माता के नाम पते के रखी हुई थी। साथ ही निर्माण इकाई में 200 कट्टे बूरा (प्रत्येक में 25 किलो) में निर्माण इकाई का पता जयपुर स्थित रामेश्वरम उद्योग हीरावाला इंडस्ट्रियल एरिया, कानोता लिखा हुआ था, जबकि यह कोटा स्थित फर्म पर पैक किया जा रहा था। साथ ही बूरे के कट्टों पर रामपति इंडस्ट्री का कोई नाम पता अंकित नहीं था।
इसके अलावा मौके पर प्रतिबंधित रसायन सोडियम हाइड्रोसल्फाइड के 29 ड्रम (प्रत्येक में 50 किलोग्राम) पाए गए। इनका उपयोग निर्माण इकाई में किए जाने की आशंका पाई गई। परिसर में कच्चे माल व तैयार माल का उचित प्रकार से रख-रखाव भी नहीं पाया गया। ये बिना पैलेट्स के रखे हुए थे। निर्माण इकाई के अंदर व बाहर काफी गंदगी फैली हुई थी। निर्माण इकाई में कबूतर चिड़िया मधुमक्खी व कीड़े-मकोड़े विचरण करते हुए पाए गए। निर्माता फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियम 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस दिया जाएगा।

सोडियम हाइड्रोसल्फाइट खाद्य उत्पादों में प्रतिबंधित
मौके पर सीज सोडियम हाइड्रोसल्फाइट (Sodium hydrosulphite) का उपयोग खाद्य उत्पादों में FSSAI के नियमों के तहत पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, क्योंकि यह खाद्य उत्पादों में प्रिजर्वेटिव व एडिटिव के रूप में सूचीबद्ध नहीं है। इसके उपयोग से खाद्य उत्पादों में सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) का स्तर बढ़ सकता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। FSSAI के Food Additives Regulations में सोडियम हाइड्रोसल्फाइट को किसी भी खाद्य श्रेणी के लिए फूड एडिटिव के रूप में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे पदार्थ जो FSSAI की परमिटेट फूड एडिटिव सूची (Appendix A) में नहीं होते, उनका उपयोग खाद्य उत्पादों में अवैध माना जाता है।
इसी क्रम में मौके से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बूरा, मिश्री व मखाने के भी नमूने लिए गए। इन्हें खाद्य प्रयोगशाला कोटा भेजा गया। जांच रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मौके पर 1 हजार 270 कट्टों में भरी हुई कुल 31 हजार 750 किलो मिश्री, 200 कट्टों में भरा हुआ 5 हजार किलो बूरा व 29 ड्रम में रखा हुआ 1 हजार 450 किलो सोडियम हाइड्रोसल्फाइट सीज किया गया।
कार्रवाई करने वाली टीम में ये रहे शामिल
खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी शुभमंगला तथा जिला कलेक्टर कोटा पीयूष समारिया के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोटा डॉ. नरेन्द्र नागर के नेतृत्व में कोटा जिले में दशहरा मेला व दीपावली के त्योहार को देखते हुए यह कार्रवाई की गई। यह आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी चंद्रवीर सिंह जादौन, अरुण सक्सेना व संदीप अग्रवाल शामिल रहे।
