अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चम्पत राय की जगह नए ट्रस्टी रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को नया महासचिव बनाया गया है।
एनसीआई@अयोध्या/लखनऊ
चढ़ावा चोरी के बाद हुई पहली बैठक 3 घंटे तक चली। बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया। उन्होंने दुख भरे लहजे में कहा- रामलला के विशाल मंदिर में एक असाधारण स्थिति बन गई। इसलिए 11 जुलाई को होने वाली न्यास की बैठक 6 जुलाई को की गई। इसमें कोरम पूरा रहा। अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास भी उपस्थित रहे। निर्मोही अखाड़े के संत दिनेंद्र जी महाराज भी थे। के परासरन भी ऑनलाइन थे। जिसका सामना पूरे समाज को करना पड़ रहा है, वह दुखदायक है। मंदिर के लिए लोगों ने प्राणों, परिवार की परवाह नहीं की। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक हालत है।
ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा- हम सभी इससे आहत और दुखी हैं। चोरी कितनी बड़ी या छोटी थी, यह गौण बात है। मुख्य चिंता की बात यह है कि यहां ऐसा माहौल कैसे बनने दिया गया। लेकिन सच्चाई हमारे सामने है और इस पर विचार करना हमारा कर्तव्य है। इसलिए, तय तारीख से पहले ही, हम आज गहरे चिंतन और दुख के साथ इकट्ठा हुए। मौजूदा हालात में एक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान गोविंद देव गिरी की आंखें भर आईं थीं।

उन्होंने आगे कहा कहा-हमारे महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। महासचिव के तौर पर काम कर रहे चम्पत राय बहुत दुखी थे। उन्हें लगा कि जब तक न्याय पूरी तरह नहीं हो जाता, यानी दोषियों को पकड़ा नहीं जाता और उन्हें उचित सजा नहीं मिलती, तब तक अपने पद पर बने रहना ठीक नहीं है। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने इस्तीफ़ा दिया। यह ऐसा मामला नहीं था, जिसे हम बस स्वीकार या अस्वीकार कर सकें। बैठक में ट्रस्टी के. परासरन ने एक अहम बात कही। उन्होंने पढ़ कर बताया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, इस्तीफा सौंपते ही उसे स्वीकार मान लिया जाता है।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा- आरोप लगाए जाते हैं कि कई अन्य बेहतरीन चढ़ावे और दान की गई चीजें भी बिना किसी निशान के गायब हो गईं। उन्होंने पत्रकारों से कहा, हम आपको दिखाने के लिए इन सभी चीजों का रिकॉर्ड रखने वाला रजिस्टर लाए हैं। हम उन सभी चीजों का विवरण पेश करेंगे, जिनकी बात हो रही है। हम आज आपके सामने ये सब दिखाने जा रहे हैं।

गोविंद देव गिरी आगे बोले-इसके अलावा, हम आपको बताना चाहते हैं कि हमारे पास ऐसी 2800 चीजों की सूची वाला एक रजिस्टर है, और वे सभी सुरक्षित हैं। हम ये पांच खास चीजें, जिन पर चर्चा हो रही है, सिर्फ़ आपको नमूने के तौर पर दिखाने के लिए लाए हैं। हालांकि, इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हम आगे जो काम करेंगे, उसे इस तरह से किया जाएगा कि कोई भी उसमें जरा सी भी कमी नहीं निकाल पाएगा।
झूठ का प्रपंच खड़ा किया जा रहा, अपराधियों को दंड मिलेगा
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा- झूठ का प्रपंच खड़ा किया जा रहा है। अपराधियों को दंड मिलेगा। हमें न्यायालय पर विश्वास है। राम भक्तों का आभार व्यक्त करता हूं। अगर किसी को कोई शिकायत है तो कार्यालय में आकर मिलें। हम सभी सवालों का उत्तर देंगे। आस्था और विश्वास बनाए रखें।
हल्ला मचाने वालों का इरादा पाक साफ नहीं
गोविंद देव गिरी ने कहा- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को आधार बनाकर सम्पूर्ण राष्ट्र में जो हो हल्ला मचाया गया है, उसका इरादा पाक साफ नहीं है। राम भक्ति के विरोध में करने वाले लोगों ने दिखावे के लिए आसाधारण काम किया है। इन लोगों ने कार सेवकों पर लाठियां चलवाई थीं। इसे पूरे हिन्दू समाज को ध्यान में रखना चाहिए। हम लोग संकल्प करते हैं कि इस राम भक्ति को हम बरकार रखेंगे।

चम्पत राय की सराहना की
चम्पत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा- एक बार इस्तीफा सौंपे जाने के बाद, उसे स्वीकार करने या अस्वीकार करने का फैसला हमारे हाथ में नहीं था। हमें बस उसे स्वीकार करना था। नतीजतन, हमने उसे स्वीकार कर लिया। उस समय, हमने चम्पत राय जी की सेवा को भी माना और उसकी सराहना की। उन्होंने खुद बड़े दिल से यह फैसला लिया। उन्होंने इतने सालों तक राम मंदिर के निर्माण के लिए काम किया है। शुरुआत से ही, जब इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई खास गतिविधि नहीं थी, तब से लेकर आज तक। हमने उनके अब तक के काम और इन हालात में दिखाए गए बड़प्पन के सम्मान में उनका इस्तीफा स्वीकार किया। हम भविष्य की जरूरी व्यवस्था करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसकी जिम्मेदारी श्री कृष्ण मोहन जी को सौंपी गई है, जो मेरे साथ अंतरिम जनरल सेक्रेटरी के तौर पर यहां बैठे हैं।
समिति बनाई, 22 को फिर बैठक
हमारा ट्रस्ट ऐसे बेहतरीन काम को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हमने इस मकसद के लिए खास अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए एक छोटी समिति बनाई है। हम इसी तरह काम को आगे बढ़ाएंगे। हम 22 तारीख (जुलाई) को फिर से मिल रहे हैं। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट भी मिल जाएगी। कार्रवाई का मामला प्रशासन की जिम्मेदारी है। हम भी जोरदार मांग करते हैं कि दोषियों को पकड़ा जाए, जिनमें वे साथी भी शामिल हैं, जो शायद अभी भी छिपे हुए हैं और उन्हें उनके अपराध के लिए उचित सजा मिले, हम इस बात पर अडिग हैं।

नए महासचिव कृष्ण मोहन बोले- प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गई थीं, उसे दूर करेंगे
राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा- कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं। जहां कहीं लूप होल्स हैं, अब इसे बंद करना है। इसका पूरा प्रयत्न करूंगा। समाज में जो माहौल बना है, इससे हमारे न्यास की छवि धूमिल हुई है। मेरा प्रयास रहेगा कि हम सभी न्यासी लोग इस धूमिल छवि को सही करने का प्रयास करेंगे।
कृष्ण मोहन ने दावा किया- चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाएंगे। प्रबंधन की कमियों का फायदा उठाया गया, कमियों को दूर करेंगे, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। समाज में अविश्वास है। विश्वास को दोबारा स्थापित करेंगे। राम जन्म भूमि में जो दर्शनार्थी शिलाएं दान करते हैं। इसका हम सभी न्यासी उस लक्ष्य की प्राप्ति को पारदर्शी रूप से करेंगे। पारदर्शी रूप से हर बात को बताया जाएगा, दिखाया जाएगा। हमारे न्यास के प्रति जो अविश्वास की प्रकृति बनी है, उसे दूर किया जाएगा। आपका साथ चाहिए, मीडिया से निवेदन है, जो सत्य है, वही प्रकाशित करें। न्यास के अधिकृत लोगों से पूछकर ही प्रकाशित करें।

