समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे सांसद किरोड़ी लाल मीणा का काफिला पुलिस ने रोका, जयपुर-आगरा हाईवे पर ही धरने पर बैठे
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ विधानसभा घेराव के लिए सांसद किरोड़ी लाल अपने हजारों समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे। इस बीच मीणा को जयपुर पुलिस ने घाट की गुनी टनल से पहले ही रोक लिया। इस पर मीणा अपने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जयपुर-आगरा हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए।
यहां किरोड़ी ने कहा कि आज सदन में सरकार ने पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच देने से माना कर दिया, जबकि पेपर लीक मामले में ही सरकार ने अपने जरोली और दूसरे बड़े अधिकारियों को हटाया था। ऐसे में जब तक पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबीआई को नहीं दी जाती, तब तक हम यहीं धरने पर बैठे रहेंगे।

सीबीआई जांच से ही बनेगी बात
मीणा ने कहा कि 16 से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक की वजह से रद्द हो चुकी हैं। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है। ऐसे में इस पेपर लीक प्रकरण की सिर्फ सीबीआई से जांच होनी चाहिए, क्योंकि नकल प्रकरण में मंत्री, विधायक, अधिकारी और कांग्रेस के पदाधिकारी भी शामिल हैं। यही कारण है कि सीएम गहलोत खुद ही अपनी सरकार और राजनेताओं के पेपर लीक प्रकरण में क्लीन चीट दें रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी पता है कि अगर पेपर लीक प्रकरण की जांच सीबीआई ने शुरू की तो इससे कांग्रेस सरकार की असलियत जनता के सामने आ जाएगी।

राजस्थान के युवाओं को यह हो रहा नुकसान
मीणा ने कहा कि राजस्थान में बाहर के राज्यों के लोगों को नौकरी दी जा रही है। इससे राजस्थान के युवाओं के नौकरी के अवसर कम हो रहे हैं। बाहरी राज्यों के लोग राजस्थान आकर हमारे युवाओं की नौकरी खा रहे हैं। ऐसे में सरकार को ठोस कानून बनाते हुए इसे पूरी तरह बंद करना चाहिए।
यहां गौरतलब है कि सांसद किरोड़ी लाल मीणा व उनके काफिले को रोकने के लिए घाट की गुनी टनल पर पुलिस के 500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए थे।

पहले के प्रकरणों में भी सुरेश ढाका का हाथ
मीणा ने आगे कहा कि -सुरेश ढाका जयपुर में लम्बे समय से कोचिंग इंस्टीट्यूट चला रहा है। इससे पहले भी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के मामलों में उसका सम्बन्ध था। रसूख की वजह से पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उसके हौंसले और बुलंद हो गए। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ पूरा नकल गिरोह तैयार कर लिया।इसमें कई सरकारी कर्मचारी और बेरोजगार युवक शामिल हैं, जो प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में जल्द से जल्द सुरेश ढाका की गिरफ्तारी होनी चाहिए, ताकि असली नकल गिरोह का भंडाफोड़ हो सके।

इससे पहले किरोड़ी लाल सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ दौसा कलक्ट्रेट से रवाना हुए। इस दौरान पूरे हाईवे पर डीजे की धुन पर नाचते गाते हुए युवा किरोड़ी लाल के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए।

