April 22, 2026

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सीधी पेशाब कांड मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से किया इनकार

सीधी पेशाब कांड मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से किया इनकार

एनसीआई@नई दिल्ली

मध्य प्रदेश के सीधी में पेशाब कांड को लेकर भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर की ओर से किए गए ट्वीट मामले में उन्हें राहत नहीं मिली है। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ मध्यप्रदेश में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे रद्द करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मगर सुप्रीम कोर्ट से लोक गायिका को करारा झटका मिला है।

नेहा सिंह राठौर की एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। मगर, नेहा सिंह राठौर के खिलाफ चल रही जांच पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि नेहा सिंह राठौर ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी जांच रोकने से कर दिया था इनकार

इससे पहले जून में मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुए पेशाब कांड को लेकर भोजपुरी लोक गायिका की ओर से किए गए ट्वीट के खिलाफ दर्ज एफआईआर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह प्राथमिकी पिछले साल 9 जुलाई को छतरपुर के एक पुलिस थाने में एक कार्टून साझा करने पर दर्ज की गई थी। इस कार्टून में एक अर्धनग्न व्यक्ति दूसरे व्यक्ति पर पेशाब करता हुआ दिख रहा है, जबकि एक खाकी हाफ पैंट फर्श पर पड़ी हुई दिखाई दे रहा है और काली टोपी तथा सफेद शर्ट पहने हुए एक व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है।

इस पर राठौर की याचिका को खारिज करते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने 15 मई के अपने आदेश में कहा था, ‘‘इस अदालत का विचार है कि हस्तक्षेप करने का कोई मामला नहीं बनता है। आवेदन को खारिज किया जाता है।’’ उच्च न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि आवेदक द्वारा अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ और ‘इंस्टाग्राम’ खाते पर साझा किया गया कार्टून, उस घटना के अनुरूप नहीं था और आवेदक ने अपनी मर्जी से कुछ अतिरिक्त चीजें जोड़ीं।

इसे व्यंग्य नहीं कहा जा सकता’

अदालत के आदेश में जोर देकर कहा गया, ‘‘अदालत का विचार है कि यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकार का प्रयोग करते हुए कार्टून साझा किया था। हालांकि एक कलाकार को व्यंग्य के माध्यम से आलोचना करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन कार्टून में किसी विशेष पोशाक को जोड़ना व्यंग्य नहीं कहा जा सकता है।’’

यह था मामला

नेहा सिंह राठौर ने यह कार्टून तब साझा किया था जब पुलिस ने सीधी निवासी प्रवेश शुक्ला को एक आदिवासी व्यक्ति पर कथित रूप से पेशाब करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश फैल गया था। इस पर विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया था कि शुक्ला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से जुड़ा हुआ है। यहां खास बात यह है लोक गायिका नेहा सिंह राठौर बीजेपी और इसके नेताओं की, इनके फैसलों और नीतियों की कट्टर विरोधी हैं।

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