शिक्षक की हत्या के तीन आरोपियों की निकाली परेड, बाजार में घुमाकर अदालत में किया पेश, भीमलत के जंगल से पकड़ा था
एनसीआई@बूंदी
सरकारी अध्यापक मनीष मीणा की हत्या के तीन आरोपियों की पुलिस ने गुरुवार को बाजार में परेड निकाली। पुलिस कोतवाली से तीनों आरोपियों को भारी पुलिस बल के साथ पैदल लेकर रवाना हुई। इन आरोपियों को बाजार में घुमाया। इसके बाद अदालत ले जाकर जज के सामने पेश किया।
पुलिस आरोपियों को कोतवाली से खोजागेट गेट, लंका गेट, जिस ढाबे पर शिक्षक की हत्या की गई थी, अम्बेडकर सर्किल, पुलिस कंट्रोल रूम से कोटा रोड, अहिंसा सर्किल, कलेक्ट्रेट से होते हुए एससी-एसटी कोर्ट पहुंची, जहां तीनों को पेश किया। परेड के दौरान डीएसपी अरुण मिश्रा, कोतवाल तेजपाल सैनी, सदर थाना एसएचओ भगवान सहाय भी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य आरोपी अभी तक फरार
बूंदी डीएसपी अरुण मिश्रा ने बताया कि मनीष मीणा की हत्या के मामले में सदर थाना क्षेत्र के तिरुपति नगर निवासी मोनू पुत्र किशन बैरवा, रायथल थाना क्षेत्र के खड़खड़ निवासी दीपक पुत्र भवानी शंकर खटीक और सदर थाना क्षेत्र की जनता कॉलोनी के निवासी विशाल पुत्र छीतर रैगर को बुधवार रात को डिटेन किया गया था।
डीएसपी मिश्रा ने आगे बताया, हत्या का मुख्य आरोपी बरखेड़ा, थाना नमाना निवासी गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र जरनेल सिंह अभी भी फरार है। पुलिस इसकी तलाश में जुटी हुई है। जल्द गुरप्रीत को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भीमलत के जंगल में काटी फरारी
डीएसपी मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दस टीमें लगी हुई थीं। वारदात के बाद आरोपी भीमलत के जंगल में चले गए थे और वहीं फरारी काट रहे थे। इनकी तलाश के लिए एसपी राजेन्द्र कुमार मीणा के निर्देश व एएसपी उमा शर्मा के सुपरविजन में 10 अलग-अलग पुलिस टीमों को चारों दिशाओं में भेजा गया। इस बीच पुलिस को आरोपियों के भीमलत के जंगल में होने की सूचना मिली। इसके बाद इन तीनों की घेराबंदी कर दबोच लिया।
यह था मामला
सिंती गांव निवासी अध्यापक मनीष मीणा (26) सोमवार सायं करीब साढ़े सात बजे लंका गेट क्षेत्र में स्थित एक ढाबे पर दो दोस्तों के साथ खाना खाने गया था। इस दौरान वहां 4 लोग आए। खाना खाने के बाद बाहर निकलते समय इनमें से किसी को हाथ अड़ जाने से इनमें विवाद हो गया। इसी बात पर आरोपियों ने पहले तो गाली-गलौच की, इसके बाद मारपीट पर उतारू हो गए। मनीष के दोस्तों ने बीच-बचाव का भी प्रयास किया, मगर आरोपी नहीं माने।
हालात बिगड़ते देख मनीष वहां से जान बचाकर पैदल भागने लगा। मगर आरोपियों ने उसे अम्बेडकर सर्किल के पास पकड़ लिया और उसके पैरों पर चाकू से ताबड़तोड़ 5 वार किए। इससे मनीष लहूलुहान हो गया। इसके बाद बदमाश फरार हो गए। तब वहां मौजूद अन्य लोग और मनीष के दोस्त उसे हॉस्पिटल ले गए, मगर अधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस वारदात में मनीष का दोस्त सौरभ भी घायल हुआ है।
दो महीने बाद ही होनी थी शादी
अध्यापक मनीष मीणा की 2 महीने बाद ही शादी होने वाली थी। इधर, इस घटना के विरोध में आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। मीणा समाज की मांग है कि जल्द मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।
