एनसीआई@अजमेर

ब्यावर के बिजयनगर थाना क्षेत्र में लव जिहाद के तहत हिन्दू स्कूली छात्राओं को ब्लैकमेल कर उनसे दुष्कर्म करने व उन पर धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार शाम अजमेर की विशेष पोक्सो कोर्ट संख्या 1 में पेश किया। कोर्ट ने 6 आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर सौंप दिया। वहीं, 1 नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। इन आरोपियों को जब यहां से ले जाया जा रहा था तो इन पर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। इन्होंने आरोपियों पर थप्पड़ बरसाए। पुलिस बड़ी मुश्किल से इन आरोपियों को बचाकर परिसर के बाहर ले जा पाई।

इस मामले में 6 आरोपियों रिहान मोहम्मद (20), सोहेल मंसूरी (19), लुकमान उर्फ सोहेब (20), अरमान पठान (19) , साहिल कुरैशी (19) और अफराज (18) को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 1 नाबालिग को डिटेन किया है।
पीड़ित लड़कियों के घरवालों ने सामूहिक रूप से रिपोर्ट दी थी कि गिरोह के पास हमारी बेटियों के अलावा अन्य नाबालिग लड़कियों के फोटो और वीडियो हैं। इनसे आरोपी उन्हें लगातार ब्लेकमैल कर रहे हैं। साथ ही अन्य लड़कियों से सम्पर्क कराने पर इन्हें छोड़ने का झांसा दिया जाता है, हालांकि ये ऐसा करते नहीं हैं, अपितु दूसरी लड़कियों को भी अपने जाल में फांस लेते हैं।

डीएसपी ने यह जानकारी दी
डीएसपी सज्जन सिंह ने बताया-16 फरवरी को तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। परिजनों ने बताया था कि कुछ युवक बेटियों से मोबाइल फोन पर सम्पर्क कर दबाव डालकर रेप करते हैं। जिस पर मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन किया गया और 7 आरोपियों को पकड़ा, इनमें एक नाबालिग है। आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, जो भी तथ्य सामने आए हैं, उन सभी पर जांच जारी है।
सरकारी वकील यह बोले
सरकारी वकील रुपेन्द्र परिहार ने बताया-
अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 7 दिन का पुलिस रिमांड (पीसी) मांगा था। कोर्ट को बताया गया कि अभियुक्तों ने पीड़िताओं को मोबाइल और खिलौने दिए। वह मोबाइल कहां से और किस दुकान से खरीदे गए, इसका पता लगाया जाएगा। आरोपियों ने पीड़िताओं को उनके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इन्होंने बालिकाओं के अश्लील फोटो-वीडियो किन-किन व्यक्तियों को भेजे, इसकी भी जांच की जानी है। आरोपी किस-किस होटल और कैफे में पीड़िताओं को लेकर गए, इसकी भी जांच की जानी है। इसके लिए 7 दिन का पीसी रिमांड मांगा था। इस पर कोर्ट ने 4 दिन का पीसी रिमांड दिया।

धमकियां देकर मिलने का दबाव बनाते थे
गिरोह में शामिल आरोपी लड़कियों को अपने जाल में फांस रहे हैं। उन्हें छोटे-छोटे खिलौने और मोबाइल जैसे प्रलोभन देकर फंसा रहे थे। ये लोग धमकियां देकर मिलने का दबाव बनाते थे। उनके साथ जबरदस्ती कैफे में चलने और उनकी पसंद के कपड़े पहनने के लिए दबाव डालते थे। आरोपी शारीरिक शोषण के लिए लड़कियों को एक-दूसरे की सहेलियों से मिलवाने का दबाव भी बनाते थे। मना करने पर इनके घरवालों को जान से मारने की धमकियां भी देते थे।

आरोपियों का अजमेर ब्लैकमेल कांड जैसा ही तरीका
इन सभी आरोपियों का नाबालिग बच्चियों को फंसाने और शिकार करने का तरीका साल 1992 में हुए बहुचर्चित अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों के तरीके जैसा ही था। यहां भी आरोपियों ने एक ही प्राइवेट स्कूल की बच्चियों को टारगेट कर रखा था। दरअसल इन सभी बच्चियों के स्कूल आने-जाने का रास्ता कुछ आरोपियों के मोहल्ले के पास से होकर गुजरता था। आरोपियों ने इसका ही फायदा उठाया था।
