बीजेपी प्रदेश प्रभारी अग्रवाल का गहलोत पर पलटवार- ‘हम रोज-रोज मुख्यमंत्री नहीं बदलते, राहुल डरपोक नेता, किसी को स्थाई नहीं रहने देते, डोटासरा कागजी अध्यक्ष, मौके से गायब रहते हैं
एनसीआई@भीलवाड़ा
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा- हमारे नेता भजनलाल हैं, कल भी हमारे नेता भजनलाल ही रहेंगे। हम रोज-रोज मुख्यमंत्री नहीं बदलते हैं और किसी विरोधी गुट को काम करने का अवसर नहीं देते हैं। हमारे यहां कोई गुट-शुट नहीं होता है।
अग्रवाल ने शुक्रवार को अपने भीलवाड़ा दौरे पर अशोक गहलोत के ‘सीएम को हटाने के लिए चल रहे षडयंत्र’ वाले बयान पर मीडिया को जवाब दिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाया। कहा-राहुल डरपोक नेता हैं। वे किसी को स्थाई नहीं रहने देते। कभी गहलोत तो कभी पायलट के साथ खड़े हो जाते हैं। कहते हैं- गहलोत को डिस्टर्ब करें। वहीं डोटासरा के ‘मंत्रियों की नहीं चलती’ वाले बयान पर कहा कि वे कागजी अध्यक्ष हैं। बयानबाजी कर मौके से गायब हो जाते हैं।
सचिन हमेशा षड्यंत्र रचते रहे
अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत का नाम लिए बिना कहा- जिसको जैसा अनुभव है, वो अपनी चीजों का वैसा ही विश्लेषण करता है। जाकी रही भावना जैसी, हरि मूरत देखी तिन तैसी। वो (गहलोत) जब तक मुख्यमंत्री रहे, सचिन पायलट लगातार उन्हें हटाने का षड़यंत्र करते रहे। लगातार खेमेबाजी होती रही, एक दूसरे से संघर्ष होता रहा। ये विधायक हमारे खेमे में, ये विधायक हमारे खेमे में। विधायकों को जीतने की कला के नाम पर इन लोगों ने समाज में, देश में, राजस्थान में न जाने कितने काम कर डाले जो पूरी तरह असंवैधानिक हैं, कानूनी रूप से गलत हैं। ये इसी को राजनीति समझते हैं।
हमारा भी मूल्यांकन होता है
मूल्यांकन कैसे होगा के सवाल पर अग्रवाल ने कहा- विद्यार्थी का कैसे पता करते हैं कि उसने कितनी पढ़ाई की है। डॉक्टर का कैसे पता करते हैं कि वो अच्छा डॉक्टर है। वकील-जज का कैसे पता करते हैं कि वो अच्छे वकील या जज हैं। ऐसे ही राजनीतिक लोगों का भी मूल्यांकन होता है। हमारा भी मूल्यांकन होता है कि हमने क्या काम किया है। सभी का सतत मूल्यांकन होता है। मूल्यांकन से ऊपर कोई थोड़े ही है।
कांग्रेस की कुर्सी पर कील लगी
अग्रवाल ने कहा- गजेन्द्र सिंह शेखावत हमारे वरिष्ठ नेता और भाजपा के केन्द्रीय मंत्री हैं। वे हमारे बहुत अनुभवी कार्यकर्ता हैं। उन पर यह आरोप हम स्वीकार नहीं करेंगे। यह तो मान या ना मान मैं तेरा मेहमान वाली बात हो गई। और यह कौन कह रहा है अशोक गहलोत जिनकी पार्टी ही ऐसी है, यह उनकी समस्या है। कांग्रेस की कुर्सी पर जो भी लोग बैठे रहते हैं, उनकी कुर्सी पर कील लगी रहती है।
राहुल जैसा डरपोक दुनिया में कोई नहीं
यह कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जिसमें कोई भी नेता या राजनेता, बड़ा नेता स्थाई रूप से उसे कोई टिकने कोई नहीं देता है। राहुल गांधी जैसा डरपोक भारत ही नहीं पूरी दुनिया की राजनीति में कोई नहीं है। वह कभी भी किसी नेता को स्थाई नहीं रहने देते हैं।
डोटासरा पर संज्ञान कौन लेता है?
उन्होंने डोटासरा के भाजपा के मंत्रियों वाले बयान पर कहा- डोटासरा को संज्ञान में कौन लेता है। डोटासरा अगर इतने ही सक्षम रहे होते तो 7 उपचुनाव हुए हैं। 5 हमने धड़ल्ले से जीते हैं, एक हम 2000 वोटों से हार गए हैं। एक सीट हमारे पास कभी रही ही नहीं। बहुत साल पहले हमारे पास हुआ करती थी।
