April 22, 2026

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सोनम वांगचुक राजस्थान की इस जेल में शिफ्ट, लद्दाख से कड़ी सुरक्षा के बीच रात को लाया गया, लेह में हुई हिंसा का है मुख्य आरोपी

सोनम वांगचुक राजस्थान की इस जेल में शिफ्ट, लद्दाख से कड़ी सुरक्षा के बीच रात को लाया गया, लेह में हुई हिंसा का है मुख्य आरोपी

एनसीआई@जोधपुर

लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट के रूप में विख्यात सोनम वांगचुक को वहां हुई भारी हिंसा के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उन्हें लद्दाख से कड़ी सुरक्षा के बीच रात को जोधपुर लाया गया। यहां उन्हें सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को लेह से गिरफ्तारी के बाद सिक्योरिटी एजेंसियां वांगचुक को पहले दिल्ली ले गईं। वहां से विशेष व्यवस्था के तहत जोधपुर लाया गया। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन से कड़ी सुरक्षा में उन्हें सीधे सेंट्रल जेल पहुंचाया गया।

वांगचुक को जेल में एक अलग वार्ड में शिफ्ट किया 

जेल सूत्रों के अनुसार, सूचना के बाद शुक्रवार दोपहर 3 बजे से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गईं थीं। तब तक जेल में सिर्फ यही कहा जा रहा था कि किसी वीआईपी को लाया जा रहा है।

रात करीब साढ़े आठ बजे एक के बाद एक पुलिस और सेना की गाड़ियां लाल फाटक से जेल परिसर में दाखिल हुईं। यहां सेंट्रल जेल के मुख्य गेट पर लाने के बाद जेल प्रशासन ने पहले औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद वांगचुक को जेल में एक अलग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। ​​​​

24 सितम्बर को हिंसक हो गया था आंदोलन

दरअसल, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और 6 वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर लेह में 10 सितम्बर से भूख हड़ताल और अनशन चल रहा था। 24 सितम्बर को ये आंदोलन पहली बार हिंसक हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल हुए। प्रदर्शन का चेहरा रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा था- अगर सरकार हमारी बातें अनसुनी करती रहेगी तो बदकिस्मती से ऐसा आगे भी हो सकता है।
प्रदर्शन और हिंसा के बाद लेह में कर्फ्यू प्रदर्शन में मारे गए लोगों की पहचान त्सेवांग थारचिन (46 साल), स्टानजिन नामग्याल (24 साल), जिगमेत दोरजय (25 साल) और रिनचेन ददुल (21 साल) के रूप में हुई थी। शव परिवारों को सौंप दिए गए थे।

हिंसा में 45 से ज्यादा लोग हुए थे घायल

लद्दाख डीजीपी एसडी सिंह जमवाल ने बताया-हिंसा में 15 लोग गम्भीर रूप से घायल हुए, जबकि 30 को मामूली चोटें आई हैं। इसमें प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री जवान शामिल हैं। लेह में अभी बीएनएस की धारा 162 के तहत कर्फ्यू लगाया गया है। सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है।

वांगचुक के एनजीओ के अकाउंट्स की जांच हो रही

सीबीआई ने वांगचुक की एनजीओ हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव्स लद्दाख (HIAL) के खिलाफ विदेशी फंडिंग मामले में जांच शुरू कर दी है। सरकार ने उनके एनजीओ की विदेशी फंडिंग का लाइसेंस रद्द कर दिया है। उनके NGO HIAL और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) पर विदेशी चंदा कानून (FCRA) के उल्लंघन का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फिलहाल कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सीबीआई की टीम एनजीओ के अकाउंट्स और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

मामले में वांगचुक ने कहा कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम गृह मंत्रालय का आदेश लेकर उनके पास आई थी। इसमें कहा गया था कि उनकी दोनों संस्थाओं ने विदेशी चंदा लेने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली। इस पर सोनम का कहना है कि उनकी संस्थाएं विदेशी चंदे पर निर्भर नहीं हैं। दोनों संस्थाएं जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देती हैं। HIAL में तो छात्रों को प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्टाइपेंड भी दिया जाता है।

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