नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी से इस्तीफा देकर राजनीतिक विश्लेषकों को ही नहीं, राजनीति की आम समझ रखने वालों और पार्टी के कार्यकर्ताओं तक को बुरी तरह चौंका दिया है। इस्तीफे के बाद तिवारी ने पार्टी नेतृत्व और संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जिन्होंने पार्टी को अंदर ही अंदर दीमक की तरह चाटकर बर्बाद कर दिया।
एनसीआई@पटना/नई दिल्ली
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जिन्होंने पार्टी को अंदर ही अंदर दीमक की तरह चाटकर बर्बाद कर दिया। यादव हितैषी मानी जाने वाली आरजेडी से तिवारी का इस्तीफा उनके ब्राह्मण होने के चलते भी पार्टी के लिए बड़ा सदमा है।
मृत्युंजय तिवारी को लालू यादव और तेजस्वी यादव का करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था। वे लम्बे समय से पार्टी का पक्ष मजबूती से मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर रखते रहे हैं। युवाओं को आरजेडी से जोड़ने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।
समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं की कद्र नहीं
इस्तीफे के बाद तिवारी ने कहा कि पार्टी में अब समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई कद्र नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने तेजस्वी यादव को वास्तविक स्थिति से दूर कर दिया है और वही लोग संगठन को लगातार कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव दीमकों से घिरे हुए हैं और उन्हीं लोगों ने पार्टी को भीतर से खोखला कर दिया है।
मृत्युंजय तिवारी का राजनीति से जुड़ाव छात्र जीवन से ही रहा है। छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने सामाजिक और जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में वे राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुए और अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व क्षमता तथा संगठनात्मक समझ के कारण पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए।
