एनसीआई@नई दिल्ली
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आज 20 जुलाई, सोमवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार धरना स्थल जंतर-मंतर से लेकर संसद तक मार्च निकालने की कोशिश की, हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। जंतर-मंतर से संसद की दूरी करीब दो किलोमीटर है। सामान्य गति से पैदल चलने पर भी इस दूरी को करीब बीस मिनट में पूरा किया जा सकता है। अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस पर भारी पत्थरबाजी की गई। वहीं, जैसे ही प्रदर्शनकारी संसद के करीब पहुंचे तब सुरक्षा बलों ने उन्हें खदेड़ने के लिए वाटर केनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद वे बैरिकेडिंग तोड़ संसद के काफी पास तक पहुंचने में सफल रहे। इस पर सुरक्षा की दृष्टि से संसद के गेट बंद कर देने पड़े। साथ ही आंदोलनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग करने के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इससे आंदोलनकारियों में भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग नीचे गिर पड़े और उन्हें चोटें आईं।

इधर, आंसू गैस के असर से बचने के लिए कई लोग चेहरों पर सादे और गीले कपड़े लपटते हुए भी नजर आए। इसी बीच खबर आई कि सरकार के बातचीत को राजी हो जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो सदस्य केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर उनकी मांगों पर बातचीत करने पहुंच गए। यहां शाम तक दो पारी में बातचीत हुई। इसके बाद सीजेपी के प्रतिनिधि मंडल ने केन्द्रीय मंत्री नड्डा को मांग पत्र सौंपा। नड्डा ने इनकी मांगों पर सद्भावना से विचार करने का आश्वासन देने के साथ धरना खत्म करने की अपील भी की।वहीं, इस दौरान प्रशासन पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट पर रहा। घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भारी पत्थरबाजी की। इसमें कई पुलिसकर्मियों को गम्भीर चोटें आईं हैं। भारी तोड़फोड़ भी की गई। इससे पुलिस की कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। लाठी चार्ज और भगदड़ में प्रदर्शनकारी भी घायल हुए।

जंतर-मंतर पर 22 दिन से सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था। इसमें लद्दाख के चर्चित पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक अनशन कर रहे थे। इससे उनकी हालत बहुत खराब हो जाने व दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने 18 जुलाई की सुबह धरना स्थल से उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
सीजेपी के ज्ञापन में ये हैं मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा को जो ज्ञापन दिया है, उसमें सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने, धर्मेन्द्र प्रधान को हटाया जाने, नीट पेपर लीक के बाद खुदकुशी करने वाले अभ्यर्थियों के परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है। सीजेपी ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को तुरंत बंद करने की मांग की।
जेपी नड्डा से मुलाकात में यह हुआ

केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि, आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11 बजकर 50 मिनट से ही हमारी बातचीत जारी है। उन्होंने आगे लिखा कि सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा करीब 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
दिल्ली पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और लिखा कि दिल्ली पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और शांति व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील करती है। सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें। किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करें।

दिल्ली पुलिस ने लिखा कि जनता को सलाह दी जाती है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अफवाहों, गलत जानकारी या अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और न ही उन्हें फैलाएं. नागरिकों से अनुरोध है कि वे जानकारी के विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और शांति, सद्भाव व कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस का सहयोग करें।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी थी इजाजत
सीजेपी ने आज चलो संसद मार्च का आह्वान किया था। इसके लिए जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हुए। मेट्रो में भीड़ बढ़ गई।सीजेपी ने संसद तक मार्च लेकर चले, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। जब समर्थक आगे बढ़े तो पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने संसद स्ट्रीट के पास लगे बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। शाम होते-होते भीड़ तितर-बितर हो गई।

राहुल और प्रियंका ने ये लगाए आरोप
इन सबके बीच अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले बच्चों पर लाठी चलाई जा रही है। राहुल गांधी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। 152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित और सजा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को। जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। पेपर लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। यह सरकार सिर्फ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही उन पर टूट पड़ी है।” राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी ने सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार को बच्चों पर लाठी चलाने की जगह अपनी नीतियों और अक्षमताओं की समीक्षा करनी चाहिए। पहले NEET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई और Re-NEET में भी गड़बड़ी की खबरें आई हैं। कहा गया था कि प्रधानमंत्री खुद निगरानी करेंगे, इसके बावजूद यह सब क्यों और कैसे हो रहा है? बार-बार इतने पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों युवाओं की बात सुननी चाहिए, उन्हें जवाब देना चाहिए।”

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने भी की अपील
इधर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त और जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें। किसी भी गैर-कानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल न हों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करें।’

कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में करीब 70 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी प्रकार करीब इतने ही आंदोलनकारी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर से हटा दिया था। मगर बाद में फिर काफी लोग यहां लौट आए थे।

वांगचुक ने कहा: अनशन जारी
गौरतलब है कि दोपहर में अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने की घोषणा कर दी थी। इसके अलावा वांगचुक को अस्पताल शिफ्ट करने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अनशन पर बैठ गया था। वांगचुक के अनशन खत्म करने के साथ ही उन्होंने भी अनशन खत्म कर दिया था। मगर शाम को वांगचुक की ओर से हाथ से लिखा हुआ एक पत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया था कि प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से बर्बरता की गई है, उसके चलते उनका अनशन जारी रहेगा।
