इलेक्ट्रॉनिक पर्ची से लेकर स्वास्थ्य योजनाओ की ऑनलाइन सेवाओं की समीक्षा, तकनीकी समस्याओं के समाधान के दिए निर्देश
एनसीआई@बूंदी
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर ने मंगलवार को एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत संचालित विभिन्न मॉड्यूल की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सक मॉड्यूल, इलेक्ट्रॉनिक पर्ची तथा राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना से संबंधित मॉड्यूल की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।
समीक्षा के दौरान डॉ. सामर ने चिकित्सकों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक पर्ची के माध्यम से मरीजों को दवा लिखने की प्रक्रिया, इसके उपयोग तथा क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ऑनलाइन व्यवस्था के संचालन में आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।

डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
डॉ. सामर ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल स्वरूप देकर आमजन को अधिक सुगम, पारदर्शी एवं व्यवस्थित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए सभी सम्बंधित अधिकारी एवं कर्मचारी डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक पर्ची का नियमित उपयोग किए जाने से मरीजों को उपचार प्रक्रिया में सुविधा मिलेगी तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अभिलेखों को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।
राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना की भी समीक्षा
समीक्षा के दौरान राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना से संबंधित ऑनलाइन सेवाओं एवं मॉड्यूल की प्रगति की भी जानकारी ली गई। डॉ. सामर ने सम्बंधित कार्मिकों से योजना के तहत संचालित डिजिटल प्रक्रिया, सामने आ रही समस्याओं तथा उनके समाधान को लेकर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना से संबंधित सभी सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर तकनीकी समस्या आने पर उसका तत्काल समाधान करवाया जाए।
तकनीकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सामर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो। एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा चिकित्सकों एवं संबंधित कार्मिकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। इसके प्रभावी उपयोग से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी और स्वास्थ्य सम्बंधी अभिलेखों को व्यवस्थित रूप से संधारित किया जा सकेगा।
