एनसीआई@कोटा
जिले में अब किसानों को अनुदानित उर्वरक प्राप्ति के लिए लम्बी कतार से मुक्ति मिलेगी। कृषि आयुक्तालय की ओर से फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइज़र (एफएफएस) एप लांच किया गया है। इससे काश्तकार ऑनलाइन बुकिंग कर अनुदानित दर पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।
संयुक्त निदेशक (कृषि विस्तार) अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि एफएफएस एप से सम्बंधित सभी ब्लॉक के उर्वरक वितरकों एवं विभागीय कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
1 हजार 250 कृषकों को नई व्यवस्था से मिला उर्वरक
शर्मा ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 1, 250 कृषकों ने 4639 बैग उर्वरक वितरण नई उर्वरक व्यवस्था से प्राप्त कर लिया है। लगभग 550 कृषकों द्वारा 1549 बैग डीएपी एवं लगभग 600 कृषकों द्वारा 3000 बैग यूरिया का सफलतापूर्वक क्रय किया गया। उन्होंने बताया कि किसानों को एफएफएस एप मोबाइल में डाउनलोड करना होगा।
आगे यह होगी प्रक्रिया
आधार नम्बर या फार्मर आईडी अपलोड करने पर ओटीपी प्राप्त होगा। इसके बाद काश्तकार को अपनी, खेती की भूमि में खसरा नम्बर को डालना होगा। फसल के अनुसार काश्तकार के लिए आवश्यक उर्वरक की मात्रा का एप पर अंकन होगा। काश्तकार को यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरक, जिसकी आवश्यकता है उसे क्लिक करना होगा। इसके बाद काश्तकार के मोबाइल पर क्यू आर कोड जनरेट होगा। यह दो दिन (48 घंटे) तक वैध रहेगा।
यह जानकारी आएगी सामने, करना होगा क्लिक
एप में काश्तकार के आसपास के क्षेत्र के वितरक के नाम सामने आएंगे। काश्तकार जिस वितरक से उर्वरक लेना चाहता है, उसे उस पर क्लिक करना होगा। इस तरह उसका उर्वरक बुक हो जाएगा। वितरक उसके क्यूआर कोड को पोस मशीन पर स्केन कर राशि प्राप्त कर बिल जारी कर उर्वरक उपलब्ध कराएगा। इस तरह सभी काश्तकारों को आवश्यकतानुसार उर्वरक की उपलब्धता हो सकेगी।
