खड़गे के पटना दौरे के दौरान बापू सभागार के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पार्टी के भीतर की खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया। प्रदर्शनकारियों के बैनर पर लिखे संदेश ने सबका ध्यान खींचा।
एनसीआई@पटना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पटना दौरे पर हैं। इस दौरान उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर दिए एक बयान पर भारी विवाद खड़ा हो गया। डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में खड़गे के सम्बोधन के बीच एक व्यक्ति ने विरोध जताया। इसके बाद खड़गे ने प्रधानमंत्री को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उस शख्स को पकड़ कर उसकी पिटाई कर दी।

यह कार्यक्रम पटना के बापू सभागार में आयोजित किया गया था। खड़गे के जवाब के बाद वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने वाले शख्स को पकड़ लिया। इस घटना के अलावा खड़गे ने अपने भाषण में केन्द्र सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर भी टिप्पणियां कीं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कई राज्यों में बनी सरकारों को हटाने की मांग की।
खड़गे के सम्बोधन के दौरान भीड़ में से खुद को कांग्रेसी बताने वाले छपरा निवासी व्यक्ति संतोष कुमार ने टोकते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं जाएंगे, अर्थात सत्ता से नहीं हटेंगे।
इस पर खड़गे बेहद उत्तेजित हो गए और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा”।
इस घटनाक्रम के दौरान मंच और सभा में हंगामा मच गया। कुछ लोगों ने टोकने वाले व्यक्ति से हाथापई भी कर डाली।
बीजेपी और एनडीए का तीखा हमला
गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की। अमित शाह और अन्य नेताओं ने खड़गे पर भाषाई मर्यादा लांघने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की। बीजेपी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और इसे कांग्रेस की हताशा व फ्रस्ट्रेशन बचाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपनी बात कही.
खड़गे ने इसके बाद अपने भाषण में केंद्र और राज्य सरकारों पर हमला बोला। उन्होंने बिहार सगई पिछले दो साल में जहां-जहां बीजेपी की सरकारें बनी हैं, उन्हें हटाने की मांग की। खड़गे ने इन सरकारों को ‘चोरी से बनी सरकारें’ बताया। उनका आरोप था कि पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में वोट चोरी के जरिए सरकारें बनाई गई हैं।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
खड़गे ने सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग उठाई। उन्होंने SIR यानी मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की। बिहार के लोगों से इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए इसे आजादी की दूसरी लड़ाई बताया. साथ ही, बीजेपी और आरएसएस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।
श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को किया याद
यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था। खड़गे ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए आधुनिक बिहार के निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण सिंह ने लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया था। जमींदारी प्रथा खत्म करने में भी उनकी अहम भूमिका रही। इसके अलावा, कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई के विकास के लिए संस्थाएं बनाने में उनके योगदान का भी जिक्र किया गया।
नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना
खड़गे ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन की सोच से निकले नेता रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वह बीजेपी और आरएसएस के साथ चले गए। खड़गे ने कहा कि इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक ने देश के लिए कुर्बानी दी। राहुल गांधी के संघर्ष का भी उल्लेख किया।
