एनसीआई@कोटा
देहदान और नेत्रदान के प्रति समाज में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘देहदानी-नेत्रदानी स्वर्गीय अमिता भार्गव स्मृति संस्थान’ की ओर से देहदान करने वाले गुप्ता परिवार का सम्मान किया गया। परिवार ने अपनी माता श्रीमती कैलाश गुप्ता के निधन के बाद उनकी इच्छा के अनुरूप न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा में देहदान कराया।
संस्थान के निदेशक आकाश भार्गव ने बताया कि गुप्ता परिवार लम्बे समय से देहदान जैसे पुनीत कार्य से जुड़ा हुआ है। परिवार की ओर से सबसे पहले करीब 25 वर्ष पूर्व तथा 4 वर्ष पूर्व बीकानेर में देहदान कराया गया था। इसी क्रम में हाल ही में कोटा में श्रीमती कैलाश गुप्ता के देहदान के साथ परिवार ने समाज के सामने सेवा और मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश की है।
परिवार ने इच्छा के अनुरूप लिया निर्णय
संस्थान के अध्यक्ष अरुण भार्गव ने बताया कि शॉपिंग सेंटर निवासी श्रीमती कैलाश गुप्ता के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए देहदान का निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य के लिए उनके पुत्र रविंद्र गुप्ता, पुत्रवधू रेनू, मनोज कुमार गुप्ता, पुत्रवधू मधु, शुभम, ट्विंकल, लतिका, अंशुल, कंसल सहित समस्त परिजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न एवं शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अरुण भार्गव, यज्ञदत्त हाड़ा, ओम गुप्ता, गौरव अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, डॉ. मुकेश दाधीच सहित गणमान्य नागरिकों ने परिवार को सम्मानित किया और उनके इस निर्णय की सराहना की।
देहदान के लिए जागरुकता बढ़ाने की आवश्यकता
अरुण भार्गव ने कहा कि देहदान मृत्यु के बाद भी मानव सेवा का माध्यम बनता है। श्रीमती कैलाश गुप्ता के देहदान से न्यू मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत 40 से अधिक भावी चिकित्सकों को प्रत्यक्ष रूप से अध्ययन एवं चिकित्सा शिक्षा में लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि समाज में देहदान को लेकर जागरुकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि अधिक से अधिक लोग मृत्यु के बाद भी चिकित्सा शिक्षा और मानव सेवा में अपना योगदान दे सकें।
