April 22, 2026

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गहलोत 6 मिनट तक पुराना बजट पढ़ते रहे, समझ आते ही पहली बार कार्यवाही स्थगित, विपक्ष ने किया भारी हंगामा, मुख्य सचिव तलब

गहलोत 6 मिनट तक पुराना बजट पढ़ते रहे, समझ आते ही पहली बार कार्यवाही स्थगित, विपक्ष ने किया भारी हंगामा, मुख्य सचिव तलब

एनसीआई@जयपुर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ दिया। करीब 6 मिनट तक वे पुराना बजट पढ़ते रहे। इस दौरान विपक्ष ने भारी हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट लीक किया है। भारी हंगामा करते हुए विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए। विपक्ष ने ये भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पुराना बजट पढ़ा है। भारी हंगामे के कारण सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद खबर आई कि मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी गलती पर मुख्य सचिव उषा शर्मा को तलब कर लिया है।

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राजस्थान में पहली बार बजट भाषण के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित की गई है। इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि मुख्यमंत्री भाषण की शुरुआत की तो वह शेर पिछले भाषण में नहीं था, लेकिन इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना की घोषणा पिछले साल ही की गई थी।

2022 के बजट भाषण का अंश, जिसमें इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और मनरेगा के तहत रोजगार के 125 दिन करने की घोषणा की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बजट की जो भूमिका बनाई थी, वह नई थी।
2022 के बजट भाषण का अंश, जिसमें इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और मनरेगा के तहत रोजगार के 125 दिन करने की घोषणा की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बजट की जो भूमिका बनाई थी, वह नई थी।

जब गहलोत ने दो पॉइंट हूबहू पढ़े तो सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने सीएम के कान में आकर कुछ कहा। इसी बीच विपक्ष के नेता और उपनेता ने सवाल उठाया कि सीएम पुराना भाषण पढ़ रहे हैं और बजट लीक हो गया है।। इस पर हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया तो हंगामा बढ़ने लगा तो स्पीकर ने 11 बजकर 12 मिनट पर आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने यह कहा

बजट भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लोगों के लिए काम किया है। कोरोना काल में कोई भूखा नहीं सोया। प्रदेश की जनता को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। शहरों में 100 दिन के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना लागू करने की घोषणा करता हूं, इस पर 800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं मनरेगा के तहत गांव में 100 दिन के रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन का किया जा रहा है। इस पर करीब 750 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

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