देवोलीना भट्टाचार्जी ने गरबा में मुस्लिम एंट्री को लेकर चल रही बहस पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवोलीना का कहना है कि गरबा सिर्फ डांडिया लेकर नाचना नहीं है। इसके केन्द्र में मां दुर्गा की भक्ति, आराधना और आस्था है।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क/मुम्बई
महाराष्ट्र में नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर विवाद शुरू हो गया है। काफी दिन से ये सवाल चर्चा में है कि धार्मिक आयोजनों में कौन शामिल हो सकता है और आयोजकों को प्रवेश के लिए किन शर्तों को लागू करने का अधिकार होना चाहिए। ऐसे आयोजन स्थलों पर मुसलमानों को एंट्री नहीं दिए जाने की बात भी कह दी गई है। अब इस पर टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। इन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने सीधा-सीधा सवाल पूछ लिया कि वंदे मातरम् से आपत्ति… फिर मां दुर्गा के गरबा में आने की इतनी जिद क्यों?”
‘गरबा में शामिल होने की इतनी जिद और आक्रोश क्यों?’
देवोलीना भट्टाचार्जी ने गरबा में मुस्लिम एंट्री को लेकर चल रही बहस पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवोलीना का कहना है कि गरबा सिर्फ डांडिया लेकर नाचना नहीं है। इसके केन्द्र में मां दुर्गा की भक्ति, आराधना और आस्था है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वंदे मातरम् में धार्मिक संदर्भ को लेकर आपत्ति होती है और होली के रंग तक विवाद बन जाते हैं तो फिर मां दुर्गा के भजनों पर होने वाले गरबा में शामिल होने की इतनी जिद और आक्रोश क्यों?
देवोलीना की दो टूक
देवोलीना ने दो टूक कहा कि नृत्य ही करना है तो डांडिया लेकर अपने घर में भी किया जा सकता है, लेकिन श्रद्धालुओं के धार्मिक उत्सव को एक और विवाद में मत बदलिए। हैरान करने वाली तो ये है कि ये सवाल किसी कट्टरवादी नेता ने नहीं, बल्कि खुद मुस्लिम युवक से शादी करने वाली एक्ट्रेस देवोलीना ने उठाया है।
‘जब ‘वंदे मातरम’ कहने से ही किसी का धर्म ‘भ्रष्ट’ हो जाता है…’
देवोलीना ने अपने एक्स पोस्ट पर एक लम्बा-चौ़ड़ा पोस्ट कर लिखा, क्या आपको पता भी है कि गरबा क्या है? जब होली पर रंगों की वजह से बेगुनाह लोगों की जान चली जाती है, जब ‘वंदे मातरम’ कहने से ही किसी का धर्म ‘भ्रष्ट’ हो जाता है… तो फिर माँ दुर्गा के भजनों पर किए जाने वाले गरबा को लेकर अचानक इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हो जाता है? इतना गुस्सा क्यों है?
‘अपनी डांडिया उठाइए और अपने घरों में ही इसका जश्न मनाइए’
देवोलीना ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “गरबा सिर्फ़ एक डांस नहीं है। इसकी आत्मा में भक्ति बसी है। यह माँ के सम्मान में भक्ति, आस्था और जश्न का इज़हार है। और अगर आपको बिना भक्ति-भाव के डांस करने की इतनी ही ज़बरदस्त इच्छा है तो अपनी डांडिया उठाइए और अपने घरों में ही इसका जश्न मनाइए, लेकिन प्लीज़, जिन लोगों के लिए गरबा श्रद्धा और भक्ति का इज़हार है, उन्हें शांति से इसे मनाने दीजिए। उनकी आस्था को किसी और विवाद का मुद्दा मत बनाइए। अब यह बकवास बंद होनी चाहिए।”
देवोलीना के बयान से चिढ़े कट्टरपंथी
देवोलीना का ये बयान कुछ कट्टरपंथियों को रास नहीं आया है। ऐसे लोग सोशल मीडिया पर इनके खिलाफ अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने देवोलीना का सपोर्ट भी किया है। एक यूजर ने इन्हें ट्रोल करते हुए लिखा, तो तेरा मुस्लिम पति करता है क्या गरबा तेरे साथ?
इतना ही नहीं एक और यूजर ने लिखा, “तू खुद मुस्लिम के साथ सो रही है, और आ गई ज्ञान देने।”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, “देखिये कौन मुस्लिम से शादी करके अधिक मुस्लिम पैदा करने की बात कर रहा है, लोगों को उल्लू बनाओ हमें नहीं।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “आप उस व्यक्ति से, जो किसी खास धर्म का है, कब तलाक ले रही हैं?”
वहीं एक और यूजर ने लिखा, बात तो अच्छी कही देवोलीना ने…लेकिन एक बात आई मन में तो क्या अपने पति के लिए ये भी गरबा में जाना बंद करेंगी या उसको घर में बिठाकर अकेली जाएंगी खेलने, क्योंकि वो भी तो नहीं जा सकता।
देवोलीना के समर्थन में भी उतरे लोग
जहां एक तरफ कुछ कट्टरपंथी देवोलीना को ट्रोल कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने इन्हें सपोर्ट भी किया है। ऐसे ही एक य़ूजर ने लिखा, “इस महिला की तारीफ़ होनी चाहिए। इन्होंने एक मुस्लिम से शादी की है, फिर भी वह अपने धर्म और देश के प्रति अडिग हैं। उनके पति का भी सम्मान है कि उन्होंने अपनी पत्नी पर अपना धर्म थोपा नहीं, बल्कि एक-दूसरे का सम्मान किया। इसे ही असल ‘लव मैरिज’ कहते हैं।”
वहीं एक यूजर ने लिखा, “केवल उन्हीं लोगों को एंट्री मिले जो अपने परिवार वालों के साथ आएं और प्रत्येक व्यक्ति के ललाट पर जय माता जी, और तिलक लगाना चाहिए हर गरबा खेलने आने वालों पर।”
मुस्लिम शख़्स से की थी देवोलीना भट्टाचार्जी ने शादी
उल्लेखनीय है कि देवोलीना भट्टाचार्जी ने 14 दिसम्बर 2022 को अपने मुस्लिम बॉयफ़्रेंड शाहनवाज शेख़ से कोर्ट मैरिज की थी। शाहनवाज जिम ट्रेनर हैं और कई स्टार्स को जिम में ट्रेन करते हैं। देवोलीना और शाहनवाज की लव स्टोरी भी जिम के दौरान ही शुरू हुई थी।
यह है पूरा मामला
इस विवाद की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद की मांग से हुई, जिसने पिछले हफ्ते यह ऐलान किया कि नवरात्रि के दौरान पूरे महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया के आयोजन स्थलों पर मुसलमानों को एंट्री नहीं दी जाएगी। नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इसके साथ ही संगठन ने गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों के प्रवेश को लेकर पहचान के सत्यापन की मांग रखी। साथ ही गरबा कार्यक्रम में प्रवेश के लिए तिलक लगाने जैसी शर्त की बात भी सामने आई।
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने किया समर्थन
महाराष्ट्र सरकार में बंदरगाह विकास मंत्री नितेश नारायण राणे ने विश्व हिंदू परिषद की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह के त्योहारों के दौरान लव जिहाद के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग हिन्दू धर्म को नहीं मानते और मूर्ति पूजा नहीं करते उन्हें हिन्दुओं के धार्मिक कार्यक्रमों नवरात्रि या गरबा समारोह में आने का अधिकार क्यों होना चाहिए?
