एनसीआई@नई दिल्ली
बीसीसीआई (BCCI) सचिव जय शाह मंगलवार को आईसीसी अर्थात इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के नए चेयरमैन चुन लिए गए। जय शाह को इस पद पर निर्विरोध चुना गया है। वह 1 दिसम्बर 2024 को आईसीसी चेयरमैन का पद संभालेंगे। 35 वर्षीय शाह मौजूदा चेयरमैन ग्रेग बार्कले की जगह लेंगे।
आईसीसी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में शाह ने कहा, “मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष के रूप में नामांकन से अभिभूत हूं।” इसी के साथ वह अगले महीने के अंत में या अक्टूबर में होने वाली बोर्ड की वार्षिक आम बैठक में बीसीसीआई (BCCI) सचिव का अपना वर्तमान पद छोड़ देंगे। जय शाह 2019 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव बने थे।
जय शाह बनाएंगे इतिहास
1 दिसम्बर 2024 को आईसीसी अध्यक्ष का पद संभालने के साथ जय शाह यह जिम्मेदारी संभालने वाले अब तक के सबसे युवा व्यक्ति बन जाएंगे। इस प्रकार वह इतिहास बनाने जा रहे हैं। इसी के साथ आईसीसी अध्यक्ष बनने के साथ ही वह जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन. श्रीनिवासन और शशांक मनोहर जैसे भारतीयों की सूची में शामिल हो जाएंगे। ये भी आईसीसी के चेयरमैन रहे थे।
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए योग्य होता है। न्यूजीलैंड के वकील बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। बार्कले ने इस बार अपने तीसरे कार्यकाल के लिए आईसीसी चेयरमैन का चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था। बार्कले को नवम्बर 2020 में आईसीसी के स्वतंत्र अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2022 में वह फिर से आईसीसी अध्यक्ष बने।
ऐसे होता है चुनाव
आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं। विजेता के लिए 9 मत का साधारण बहुमत (51%) आवश्यक है। शाह आईसीसी बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक रहे हैं। वह फिलहाल आईसीसी की शक्तिशाली वित्त और वाणिज्यिक मामलों की उप समिति के प्रमुख हैं। वोटिंग करने वाले 16 सदस्यों में से अधिकांश के साथ उनके बहुत अच्छे सम्बंध हैं।
बीसीसीआई में वापसी के लिए यह करना होगा
वर्तमान में बीसीसीआई सचिव के रूप में शाह का एक साल का कार्यकाल बचा है। बीसीसीआई में वापसी के लिए अनिवार्य तीन साल का ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ शाह के लिए अक्टूबर 2025 में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद शुरू होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित बीसीसीआई के संविधान के अनुसार कोई पदाधिकारी तीन साल की कूलिंग ऑफ अवधि से पहले छह साल तक पद पर रह सकता है। कुल मिलाकर कोई व्यक्ति कुल 18 वर्षों तक पद पर रह सकता है।
