एनसीआई@जयपुर/नई दिल्ली
राजस्थान में सीएम के नाम की घोषणा के कयासों के बीच दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने उनके आवास पर रात 8.10 बजे पहुंचीं। साथ में उनके सांसद बेटे दुष्यंत सिंह भी थे। रात करीब साढ़े नौ बजे राजे नड्डा के आवास से निकलीं। साफ है कि मुलाकात लम्बी चली और खूब बातचीत हुई, करीब 75 मिनट तक।

सूत्रों का कहना है कि इस दौरान वसुंधरा राजे ने अपने बगावती तेवर को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि वह हर तरह से पार्टी की रीति-नीति के साथ हैं। राजस्थान में सीएम फेस व अन्य तमाम पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
इसी बीच एक बड़ी खबर आई कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को भी दिल्ली बुलाया गया है। इसके बाद वह देर रात जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
विधायक कंवर लाल मीणा बोले- हम सहमति से होटल में रुके, बाड़ेबंदी की बात गलत

बीजेपी सांसद दुष्यंत सिंह के कहने पर बाड़ेबंदी करने के किशनगंज विधायक ललित मीणा के पिता हेमराज मीणा के आरोप को अंता-बारां विधायक कंवर लाल मीणा ने गलत बताया है। कंवर लाल मीणा ने कहा- किशनगंज विधायक ललित मीणा के पिता हेमराज मीणा ने जो आरोप लगाए हैं, वह सरासर गलत हैं। हम सब झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र के विधायक हैं। जीतने के बाद विधायक ललित मीणा सहित आरएसएस व भाजपा कार्यालय बारां गए। सुबह 6 बजे अपने-अपने घरों से हम सब गाड़ियों से जयपुर आए। आपसी सहमति से एक साथ होटल में रुके। बाड़ेबंदी जैसी बात कहना शरारतपूर्ण है। गलत है।
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अपने विधायकों की कौन बाड़ेबंदी करेगा
कंवर लाल ने कहा- क्या किसी भी विधायक को उसकी मर्जी के बिना जबरन ले जाया जा सकता है? असम्भव। और झालावाड़-बारां तो दुष्यन्त सिंह का अपना खुद का लोकसभा क्षेत्र है। अपने लोकसभा क्षेत्र के विधायकों की कौन बाड़ेबंदी करेगा।
रात ढाई बजे 30-35 लोग हमारे होटल में आए और विधायक ललित मीणा को ले जाने लगे
कंवर लाल ने कहा- यह बात 5 दिसम्बर की रात ढाई बजे की है। उस रोज पहले तो 30-35 लोग हमारे होटल में आए और विधायक ललित मीणा को ले जाने लगे। परिचित नहीं होने की वजह से हमने उनके साथ ललित को नहीं भेजा। बाद में जब उनके पिता हेमराज मीणा आए तो उनके साथ हमने ललित को भेज दिया। सांसद दुष्यंत सिंह उस दिन लोकसभा में थे। उनकी लोकसभा में उपस्थिति देखी जा सकती है। तब से ही वे दिल्ली में हैं। मोबाइल पर उनकी लोकेशन भी देखी जा सकती है। इस अवधि में मेरी सांसद महोदय से कोई बात नहीं हुई। विधायक को रात में ढाई बजे आकर ले जाना और दुष्यंत सिंह पर आरोप लगाना एक षड्यंत्र है।
हेमराज मीणा ने वसुंधरा राजे के बेटे सांसद दुष्यंत सिंह पर लगाया है बड़ा आरोप

इससे पहले, विधायकों को होटल में रुकवाने के मामले में किशनगंज विधायक ललित मीणा के पिता पूर्व विधायक हेमराज मीणा ने वसुंधरा राजे के बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह पर बड़ा आरोप लगाया। हेमराज ने कहा कि मेरे बेटे और झालावाड़-बारां के विधायकों को सांसद दुष्यंत मंगलवार को जयपुर लेकर आए थे। शाम को जब ललित घर नहीं लौटा तो मैंने उससे बात की। उसने कहा कि मैं सीकर रोड पर एक रिसोर्ट में हूं। ये लोग मुझे यहां से नहीं आने दे रहे हैं।
पूर्व विधायक हेमराज मीणा ने कहा- बेटे को रिसोर्ट में रोके जाने की जानकारी मिलते ही मैं भी वहां पहुंच गया। मैंने इस बारे में प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर को बताया। उसके बाद सीपी जोशी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां पर अंता विधायक कंवर लाल मीणा ने हमें ललित को ले जाने से रोका। उसने कहा कि सांसद दुष्यंत से बात करो और उसके बाद ही इसे लेकर जाओ। मैंने दुष्यंत सिंह को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्होंने हमसे जबरदस्ती की। उसके बाद हम बुधवार सुबह ललित को लेकर आ गए।

सूत्रों के अनुसार मंगलवार देर रात सीकर रोड पर एक होटल में भाजपा के 5-6 विधायक ठहरे थे। इनमें किशनगंज विधायक ललित मीणा भी थे। साथी विधायकों की बातें और हाव-भाव देख ललित को शक हुआ कि पार्टी के किसी बड़े नेता के इशारे पर लॉबिंग हो रही है, क्योंकि वे कोटपूतली से आगे किसी होटल में जाने की बात कर रहे थे।
ललित ने अपने पूर्व विधायक पिता और पार्टी के कुछ नेताओं से बात की। इसके बाद पिता खुद होटल पहुंचे और बेटे ललित को ले आए। ललित ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को घटनाक्रम की जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार इसके बाद विधायकों के मूवमेंट पर नजर बढ़ा दी गई है। वहीं, बुधवार को प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर विधायकों से मिलकर चर्चा करते रहे।
प्रदेशाध्यक्ष बोले- मुझे मामले की जानकारी नहीं
मामले को लेकर प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा- होटल वगैरह की बात मुझे नहीं पता, लेकिन यह सच है कि ललित मीणा के पिता से मंगलवार शाम मेरी मुलाकात हुई थी। मैं पिछले 24 घंटे में 32 से अधिक विधायकों से मिला था। प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने कहा- मुझे ध्यान नहीं है और यह कोई खास बात नहीं है। यह जरूर कहूंगा कि कार्यकर्ताओं और विधायकों के लिए पार्टी कार्यालय मंदिर की तरह है और यहां आस्था रखी जानी चाहिए।
