सेहत बिगाड़ भी सकता है विटामिन सी का अधिक उपयोग
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
कोरोना वायरस से बचाव के लिए अभी तक कोई ऐसी दवाई आम जनता को उपलब्ध नहीं है जिसे शर्तिया तौर पर इसमें कारगर कहा जा सके। इसके चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता अर्थात इम्युनिटी पावर बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है। सभी डॉक्टर्स और विशेषज्ञों की एकमत राय है कि मजबूत इम्युनिटी बीमारी से लड़ने में मदद करती है। इसलिए इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विभिन्न देसी नुस्खों का इस्तेमाल किया जा रहा है। विटामिन सी की गोलियों के अलावा आंवले व नींबू से बने विभिन्न पदार्थ, काढ़ा, जिंक, विटामिन डी सप्लीमेंट आदि इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
इनमें भी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन सी का सबसे अधिक उपयोग किया जा रहा है। मगर विटामिन सी का आवश्यकता से अधिक इस्तेमाल आपके शरीर में कुछ परेशानियां भी पैदा कर सकता है।
यह हो सकते हैं साइड इफेक्ट्स
-विटामिन सी की गोलियां ज्यादा खा लेने से मतली या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है। इसलिए बेहतर है कि इम्युनिटी बढ़ाने के लिए दवाई के बजाय विटामिन सी युक्त फल या इनसे बने हुए पदार्थ ही खाएं। इनसे इस प्रकार के रिएक्शन होने की आशंका बहुत कम है।
-विटामिन सी के अधिक उपयोग से पेट में ऐंठन हो सकती है इससे आपके पेट का सिस्टम डिस्टर्ब भी हो सकता है। इसलिए अधिक मात्रा में विटामिन सी युक्त पदार्थों का सेवन न करें।
-विटामिन सी की गोलियां ज्यादा खा लेने से डायरिया की शिकायत हो सकती है। उल्टी-दस्त के साथ कब्ज की समस्या भी बढ़ सकती है। इससे आपका शरीर डीहाइड्रेट (पानी की कमी) भी हो सकता है।
-विटामिन सी के सबसे घातक साइड इफेक्ट में हार्ट बर्न की समस्या भी शामिल है। इस स्थिति में छाती के निचले और ऊपरी हिस्से में जलन महसूस होगी। इसलिए विटामिन सी लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
– विटामिन सी की गोलियों के अधिक सेवन से अनिद्रा और सिरदर्द की समस्याएं हो सकती हैं। इससे सोते समय बेचैनी बढ़ सकती है। साथ ही एंग्जायटी की शिकायत भी हो सकती है।
कितनी मात्रा में लें विटामिन सी
लोगों को प्रतिदिन 65-90 मिलीग्राम विटामिन सी लेना चहिए। एक दिन में 2000 ग्राम से ज्यादा लिया गया विटामिन सी आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सलाह है कि घर पर तैयार भोजन ही सभी जरूरी पोषक तत्वों की प्राप्ति का अच्छा जरिया है, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी हैं।
भारतीयों के विटामिंस के प्रति बढ़ते रुझान के सबूत
कोरोना संक्रमण से बचने या ठीक होने के लिए भारतीयों ने हर उस पदार्थ का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिनसे इम्युनिटी बढ़ने का दावा किया जा रहा है। इनकी गोलियों या सप्लीमेंट्स के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि पिछले साल अक्टूबर महीने में जिंक की बिक्री 50 करोड़ रुपए की हुई। इसी प्रकार उद्योग मंडल एसोचैम के मुताबिक महामारी काल में विटामिन सी की गोलियों की 23 फीसद सालाना बिक्री बढ़ कर 1, 267 करोड़ पर पहुंच गई। अगर बाजार का यही रुझान रहा तो हो सकता है वर्ष 2026 तक भारत में इम्यूनिटी बूस्टर प्रोडक्ट का बाजार 34.5 करोड़ पर पहुंच जाए।
