यूपी का आईआरएस अधिकारी, अफीम फेक्ट्री का महाप्रबंधक वसूली के 16.32 लाख रुपए लेकर जा रहा था, कोटा एसीबी ने रास्ते में दबोचा

एनसीआई@कोटा
कोटा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आज शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश की गजीपुर अफीम फेक्ट्री के महाप्रबंधक आईआरएस (भारतीय राजस्व सेवा/इंडियन रेवेन्यू सर्विस) अधिकारी डॉ. शशांक यादव को किसानों से वसूली के 16 लाख 32 हजार 410 रुपए ले जाते हुए रास्ते में ही धर दबोचा। इनकी गाड़ी में रखे एक मिठाई के डिब्बे में यह राशि बरामद हुई। इसके बारे में डॉ. शशांक यादव कोई जवाब नहीं दे सके। इस पर इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास नीमच अफीम फेक्ट्री का भी अतिरिक्त चार्ज है।
जानकारी के अनुसार,एसीबी ने इस कार्रवाई को मुखबिर की सूचना पर कोटा के हेंगिंग ब्रिज पर अंजाम दिया। बड़ी बात यह है कि जिस गाड़ी में यह राशि ले जाई जा रही थी, उस पर पुलिस का लोगो लगा हुआ था।
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि गाजीपुर अफीम फेक्ट्री के महाप्रबंधक आईआरएस शशांक यादव के पास नीमच अफीम फेक्ट्री का अतिरिक्त चार्ज भी है। वे किसानों से वसूली गई राशि लेकर नीमच से चित्तौड़गढ़ और कोटा होते हुए गाजीपुर, उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि नीमच फेक्ट्री की अफीम लेब में कार्यरत अजीत सिंह व कोडिंग टीम के दीपक कुमार यादव दलालों के जरिए अफीम की गाढ़ता और मार्फिन का प्रतिशत ज्यादा दिलवाने के लिए 60 से 80 हजार प्रति किसान वसूल रहे हैं। ये किसान चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, कोटा और झालावाड़ जिले के हैं। उन्होंने बताया कि जो किसान इन्हें पैसा नहीं देते हैं, उनकी अफीम को घटिया बता दिया जाता है। आईआरएस डॉ. शशांक यादव अफीम लेब के अजीत सिंह और कोडिंग टीम के दीपक कुमार यादव के माध्यम से वे 6000 से ज्यादा किसानों से 10 और 12 आरी के पट्टे दिलाने के लिए करीब 30 से 36 करोड़ रुपए एडवांस वसूल कर चुके हैं। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि अभी 40,000 से अधिक किसानों की अफीम की जांच होनी बाकी है. इन सभी किसानों से भी राशि वसूली जानी थी। आईआरएस डॉ. शशांक यादव म्योर रोड थाना करनलगंज, इलाहबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।
