परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले ही दो पुलिसकर्मियों के मोबाइल में आ गया था पेपर, उनकी पत्नियां भी थीं अभ्यर्थी, कुल 4 महिलाओं सहित आठ आरोपी गिरफ्तार, एसओजी ने माना पेपर हुआ लीक
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान सरकार शिक्षक पात्रता भर्ती परीक्षा के आयोजन को पूरी तरह सफल बताकर खुद की वाहवाही करने में लगी हुई है। दूसरी ओर एक बार फिर से राजस्थान की ही नहीं देश की इस सबसे बड़ी परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया है। परीक्षा कल रविवार को 10 बजे शुरू होनी थी और 8.32 पर ऐसे दो पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर पेपर आ गया था, जिनकी पत्नियां एग्ज़ाम दे रही थीं। पुलिस ने इस मामले में कुल चार महिलाओं सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने पेपर को लीक मान लिया
गिरफ्तार चार महिलाएं वे हैं, जिनके पास परीक्षा से पहले ही पेपर आ चुका था। इनमें से एक कॉन्स्टेबल व दूसरी हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी है। सरकार ने दोनों ही पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया गया है। राजस्थान के सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में यह गड़बड़ी सामने आई है। दोनों पुलिसकर्मी पत्नियों के लिए प्रश्न पत्र के इंतज़ाम में लगे हुए थे।
सरगना के मोबाइल से मिले पुलिसकर्मियों के नम्बर, पेपर लीक
देर रात तक कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि पेपर लीक के मास्टर माइंड को जयपुर से देर रात गिरफ़्तार किया गया है। पेपर लीक करवाने के गिरोह के सरगना देशराज के मोबाइल से मिले नम्बरों के आधार पर ही पेपर लीक कांड का ख़ुलासा हुआ है। पिछले दिनों वह 15 लाख रुपए में सौदा करते हुए गिरफ़्तार किया गया था।
पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह और कॉन्स्टेबल यशवीर सिंह का नम्बर देशराज के मोबाइल में पाया है। देवेंद्र की पत्नी लक्ष्मी गुर्जर और यशवीर सिंह की पत्नी सीमा गुर्जर का परीक्षा केन्द्र गंगापुर में नहीं था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किस सेंटर पर परीक्षा से पहले पेपर आया और कहां से यह आउट किया गया।
आरोपियों में सरकारी टीचर्स की भरमार
राज्य के 8 जिलों से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सात सरकारी टीचर हैं। बीकानेर में छात्रों से डेढ़ करोड़ में नक़ल करने का सौदा किया गया था और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वाला चप्पल साढ़े सात लाख रुपए तक में बेची गई थी। नागौर में तीन, भारतपुर गोदी में एक-एक सरकारी शिक्षक को रीट की परीक्षा में गड़बड़ी करते हुए गिरफ़्तार किया गया है।
कई जगहों पर हुई गड़बड़ी की वजह से माना जा रहा है कि कई जगहों पर परीक्षा फिर से आयोजित की जा सकती है। रीट की परीक्षा में 16 लाख छात्रों ने फ़ॉर्म भरा था, इनमें से क़रीब 13 लाख ने परीक्षा दी है। पूरे एक सप्ताह में अब तक 80 से ज़्यादा लोग रीट की परीक्षा में गड़बड़ी करवाने के साजिशों के तहत या गड़बड़ी कराते हुए गिरफ़्तार हुए हैं।
आशा अनुरूप मिले परिणाम: डीजीपी
उल्लेखनीय है कि राज्य के समस्त जिलों में रविवार को दो पारियों में राजस्थान अध्यापक पात्रता (REET) परीक्षा सम्पन्न हुई। पुलिस की ओर से सभी सेंटर्स पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। महानिदेशक पुलिस एमएल लाठर ने बताया कि सघन तलाशी के बाद सेंटर्स पर ड्यूटी कर पुलिसकर्मियों ने परीक्षार्थियों को सेंटर में प्रवेश दिया। इस दौरान पुलिस की टीमों ने जगह-जगह गश्त की और जो भी अभ्यर्थी सेंटर पर नहीं पहुंच पा रहे थे, उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने में भी सहयोग किया। बोर्ड की ओर से लगभग सभी परीक्षा केन्द्रों और कमरों में सीसीटीवी लगाए गए थे। परीक्षा कक्ष से तमाम गतिविधियों का लाइव प्रसारण एक जगह देखकर मॉनिटरिंग की जा रही थी।
लाठर ने बताया कि रविवार को आयोजित इस परीक्षा में सफल होने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं को न्याय दिलाने पुलिस मुख्यालय द्वारा जबरदस्त तैयारी की गई थी। पुलिस मुख्यालय की ओर से समस्त रेंज महानिरीक्षक, जिला एसपी और विशेषकर एटीएस व एसओजी को सख्त हिदायत दी गई थी कि परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के विरुद्ध सख्ती की जाए। नकल करने व कराने वाले लोगों की धरपकड़ की जाए, जिसके आशानुरूप सुखद परिणाम सामने आए हैं।
