REET-2021 केंसिल करने की याचिका पर सुनवाई तय : हाईकोर्ट में 18 अक्टूबर से होगी सुनवाई, केस चलने तक रिजल्ट रोकने की मांग
एनसीआई@जयपुर
REET-2021 रद्द करवाने की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका पर डिवीजनल बेंच 18 अक्टूबर से सुनवाई शुरू करेगी। जस्टिस गोवर्धन बाढ़दार और जस्टिस मनोज कुमार व्यास की कोर्ट में यह केस 25वें नम्बर पर भागचन्द शर्मा बनाम दी स्टेट ऑफ राजस्थान के नाम से लिस्टेड है। केस में सबसे पहले यह मांग रखी गई है कि इसकी सुनवाई होने तक अंतरिम ऑर्डर देते हुए परीक्षा का रिजल्ट रोका जाए। साथ ही, किसी केन्द्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की गई है।
सरकार को पेपर लीक के और कौन से सुबूत चाहिए
पीआईएल लगाने वाले रीट अभ्यर्थी भागचन्द शर्मा के एडवोकेट दीपक कुमार कैन ने कहा- यदि रीट में अनिमितताएं नहीं हुई हैं, तो सरकार दोबारा से अलवर में परीक्षा क्यों करवा रही है? साथ ही अलग-अलग जिलों में बहुत से लोग रीट में धांधली के आरोपों में पकड़े गए हैं। कई सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड किए गए हैं।
कैन ने बताया कि पुलिस कॉन्स्टेबल के मोबाइल पर परीक्षा से करीब डेढ़ घंटे पहले और उसके परिचितों तक भी पेपर पहुंचने का खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। फिर सरकार को ऐसा कौन सा प्रमाण चाहिए, जो साबित करे कि पेपर लीक नहीं हुआ है। जहां तक सरकार की ओर से इंटरनेट बंद करने का प्रश्न है, यह भी जांच का विषय है।
उन्होंने कहा कि अगर मोबाइल इंटरनेट बन्द नहीं किया जाता, तो पेपर गली-मोहल्ले की थड़ियों पर उपलब्ध हो जाता। यह वायरल हो जाता। सरकार को इसकी जानकारी थी कि पेपर लीक हो चुका है, इसीलिए मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद की गई थी।
प्रताप नगर, सांगानेर के रहने वाले भागचन्द शर्मा के केस की पैरवी एडवोकेट दिनेश कुमार गर्ग और एडवोकेट दीपक कुमार कैन कर रहे हैं। इस याचिका में राज्य सरकार के चीफ सेक्रेट्री, एलीमेंट्री एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेट्री, बोर्ड ऑफ सेकडरी एजुकेशन राजस्थान के सेक्रेट्री और कोऑर्डिनेटर रीट को पार्टी बनाया गया है। भागचन्द शर्मा ने रीट लेवल-2 की परीक्षा 26 सितम्बर को दी थी। शर्मा वर्तमान में बेरोजगार हैं। उन्होंने एमएससी, बीएड किया हुआ है।
